लङ्काकाण्ड · दोहा 50 · दोहा/सोरठा
दस दस सर सब मारेसि परे भूमि कपि बीर।
दस दस सर सब मारेसि परे भूमि कपि बीर।
सिंहनाद करि गर्जा मेघनाद बल धीर।।50।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 6.5 · पुस्तक पृ. 820, 821
भावार्थ और शब्दार्थ
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1दस दस सर सब मारेसि परे भूमि कपि बीर।
उसने सभी को दस-दस बाण मारे; वीर वानर भूमि पर गिर पड़े।
English explanation
He struck each of them with ten arrows; the valiant vanaras fell to the ground.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दस | दस | ten |
| दस | दस, प्रत्येक को | each |
| सर | बाण | arrows |
| सब | सभी को | all of them |
| मारेसि | उसने मारे | he struck |
| परे | गिर पड़े | fell |
| भूमि | भूमि पर | to the ground |
| कपि | वानर | vanaras |
| बीर | वीर | valiant warriors |
2 सिंहनाद करि गर्जा मेघनाद बल धीर।।50।।
बलवान और धीर मेघनाद सिंहनाद करके गरजा।
English explanation
Mighty and resolute Meghnada roared with a lion-like battle cry.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिंहनाद | सिंह जैसी गर्जना | a lion-like battle cry |
| करि | करके | having made |
| गर्जा | गरजा | roared |
| मेघनाद | रावण का पुत्र मेघनाद | Meghnada, Ravana's son |
| बल | बलवान | mighty |
| धीर | धीर, दृढ़चित्त | resolute, steadfast |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 50
- स्रोत अभिलेख
- 6.5
- सहायक विषय
- माल्यवान्का रावणको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 820, 821
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