लङ्काकाण्ड · दोहा 49 · दोहा
मेघनाद सुनि श्रवन अस गढ़ु पुनि छेंका आइ।
मेघनाद सुनि श्रवन अस गढ़ु पुनि छेंका आइ।
उतर्यो बीर दुर्ग तें सन्मुख चल्यो बजाइ॥ ४९॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 6.49 · पुस्तक पृ. 819, 820
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1मेघनाद सुनि श्रवन अस गढ़ु पुनि छेंका आइ।
मेघनाद ने कानों से यह सुना कि वानरों ने आकर गढ़ को फिर घेर लिया है।
English explanation
Meghnad heard that the monkeys had come and besieged the fortress again.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मेघनाद | मेघनाद; रावण का पुत्र इंद्रजित | Meghnad, Ravana’s son, also called Indrajit |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| श्रवन | कानों से | with his ears |
| अस | ऐसा; यह समाचार | this; such news |
| गढ़ु | गढ़ को; किले को | the fortress |
| पुनि | फिर; दोबारा | again |
| छेंका | घेर लिया; घेराबंदी की | surrounded; besieged |
| आइ | आकर | having come |
2उतर्यो बीर दुर्ग तें सन्मुख चल्यो बजाइ॥ ४९॥
वह वीर दुर्ग से उतरा और ललकारते हुए सामने की ओर बढ़ा।
English explanation
The warrior descended from the fortress and advanced to confront the enemy, sounding his challenge.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उतर्यो | उतरा; नीचे आया | descended; came down |
| बीर | वीर योद्धा; यहाँ मेघनाद | the warrior; here, Meghnad |
| दुर्ग | किला | fortress |
| तें | से | from |
| सन्मुख | सामने; शत्रु के सम्मुख | forward; facing the enemy |
| चल्यो | चला; आगे बढ़ा | went; advanced |
| बजाइ | ललकारकर; चुनौती सुनाते हुए | sounding a challenge; challenging aloud |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- दोहा 49
- स्रोत अभिलेख
- 6.49
- सहायक विषय
- माल्यवान्का रावणको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 819, 820
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।