लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चढ़ि बिमान सुनु सखा बिभीषन। गगन जाइ बरषहु पट भूषन।।
मूल पाठ
चढ़ि बिमान सुनु सखा बिभीषन। गगन जाइ बरषहु पट भूषन।।
नभ पर जाइ बिभीषन तबही। बरषि दिए मनि अंबर सबही।।
स्रोत अभिलेख 6.117 · पुस्तक पृ. 897, 898
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे सखा विभीषण! सुनो, विमानपर चढ़कर, आकाशमें जाकर वस्त्रों और गहनोंको बरसा दो। तब (आज्ञा सुनते) ही विभीषणजीने आकाशमें जाकर सब मणियों और वस्त्रोंको बरसा दिया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 897 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 चढ़ि बिमान सुनु सखा बिभीषन। गगन जाइ बरषहु पट भूषन।।
English explanation
Listen, my friend Vibhishana! Board the aerial vehicle, go into the sky, and shower down garments and ornaments.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चढ़ि | चढ़कर | boarding |
| बिमान | विमान पर | the aerial vehicle |
| सुनु | सुनो | listen |
| सखा | हे मित्र | O friend |
| बिभीषन | हे विभीषण | O Vibhishana |
| गगन | आकाश में | into the sky |
| जाइ | जाकर | going |
| बरषहु | बरसाओ | shower down |
| पट | वस्त्र | garments |
| भूषन | आभूषण | ornaments |
2 नभ पर जाइ बिभीषन तबही। बरषि दिए मनि अंबर सबही।।
English explanation
At once Vibhishana went up into the sky and showered down all the gems and garments.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नभ | आकाश | the sky |
| पर | में; ऊपर | up in |
| जाइ | जाकर | having gone |
| बिभीषन | विभीषण ने | Vibhishana |
| तबही | तभी; तुरंत | at once |
| बरषि | बरसाकर | showering down |
| दिए | दे दिए | gave out |
| मनि | मणियाँ | gems |
| अंबर | वस्त्र | garments |
| सबही | सभी | all of them |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.117
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 897
- सहायक विषय
- विभीषणका वस्त्राभूषण बरसाना और वानर-भालुओंका उन्हें पहनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 897, 898
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