लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
घायल बीर बिराजहिं कैसे। कुसुमित किंसुक के तरु जैसे।।
मूल पाठ
घायल बीर बिराजहिं कैसे। कुसुमित किंसुक के तरु जैसे।।
लछिमन मेघनाद द्वौ जोधा। भिरहिं परसपर करि अति क्रोधा।।
स्रोत अभिलेख 6.54 · पुस्तक पृ. 824, 824
भावार्थ
मूल पाठ के बादघायल वीर कैसे शोभित हैं, जैसे फूले हुए पलासके पेड़। लक्ष्मण और मेघनाद दोनों योद्धा अत्यन्त क्रोध करके एक-दूसरेसे भिड़ते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 824 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 घायल बीर बिराजहिं कैसे। कुसुमित किंसुक के तरु जैसे।।
English explanation
How do the wounded warriors appear? Like palash trees covered in blossoms.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| घायल | घायल | wounded |
| बीर | वीर योद्धा | brave warriors |
| बिराजहिं | शोभित हो रहे हैं | appear splendid |
| कैसे | कैसे | in what manner |
| कुसुमित | फूलों से लदे | covered in blossoms |
| किंसुक | पलाश | palash, the flame-of-the-forest tree |
| के | के | of |
| तरु | वृक्ष | trees |
| जैसे | जैसे | like |
2 लछिमन मेघनाद द्वौ जोधा। भिरहिं परसपर करि अति क्रोधा।।
English explanation
The two warriors, Lakshmana and Megh nada, clash with each other in great anger.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लछिमन | लक्ष्मण, राम के भाई | Lakshmana, Rama’s brother |
| मेघनाद | मेघनाद, रावण का पुत्र | Megh nada, Ravana’s son |
| द्वौ | दोनों | both |
| जोधा | योद्धा | warriors |
| भिरहिं | भिड़ते हैं | clash |
| परसपर | एक-दूसरे से | with each other |
| करि | करके | having aroused |
| अति | अत्यंत | great |
| क्रोधा | क्रोध | anger |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.54
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 824
- सहायक विषय
- लक्ष्मण-मेघनाद-युद्ध, लक्ष्मणजीको शक्ति लगना
- मुद्रित पृष्ठ
- 824, 824
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।