लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गयउ सभाँ मन नेकु न मुरा। बालितनय अतिबल बाँकुरा।।
मूल पाठ
गयउ सभाँ मन नेकु न मुरा। बालितनय अतिबल बाँकुरा।।
उठे सभासद कपि कहुँ देखी। रावन उर भा क्रौध बिसेषी।।
स्रोत अभिलेख 6.19 · पुस्तक पृ. 789, 790
भावार्थ
मूल पाठ के बादअत्यन्त बलवान् बाँके वीर बालिपुत्र अंगद सभामें गये, वे मनमें जरा भी नहीं झिझके। अंगदको देखते ही सब सभासद् उठ खड़े हुए। यह देखकर रावणके हृदयमें बड़ा क्रोध हुआ॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 790 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 गयउ सभाँ मन नेकु न मुरा। बालितनय अतिबल बाँकुरा।।
English explanation
Angada, Bali’s immensely strong and valiant son, entered the assembly; his resolve did not waver in the slightest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गयउ | गया | went |
| सभाँ | सभा में | into the assembly |
| मन | मन | mind; resolve |
| नेकु | तनिक भी | in the slightest |
| न | नहीं | not |
| मुरा | डिगा | wavered |
| बालितनय | बालि का पुत्र अंगद | Angada, son of Bali |
| अतिबल | अत्यंत बलवान | immensely strong |
| बाँकुरा | वीर और निर्भीक | valiant and bold |
2 उठे सभासद कपि कहुँ देखी। रावन उर भा क्रौध बिसेषी।।
English explanation
Seeing Angada the monkey, the assembly members rose; great anger arose in Ravana’s heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उठे | उठ खड़े हुए | rose to their feet |
| सभासद | सभा के सदस्य | assembly members |
| कपि | वानर अंगद | the monkey Angada |
| कहुँ | को | object marker |
| देखी | देखकर | on seeing |
| रावन | रावण के | Ravana’s |
| उर | हृदय में | in the heart |
| भा | हुआ | arose |
| क्रौध | क्रोध | anger |
| बिसेषी | बहुत अधिक | intense |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 790
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 789, 790
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