लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कोटि कोटि गिरि सिखर प्रहारा। करहिं भालु कपि एक एक बारा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दरीछ-वानर एक-एक बारमें ही करोड़ों पहाड़ोंके शिखरोंसे उसपर प्रहार करते हैं; परन्तु इससे न तो उसका मन ही मुड़ा (विचलित हुआ) और न शरीर ही टाले टला, जैसे मदारके फलोंकी मारसे हाथीपर कुछ भी असर नहीं होता!॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 834 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कोटि कोटि गिरि सिखर प्रहारा। करहिं भालु कपि एक एक बारा।।
मुर् यो न मन तनु टर् यो न टार् यो। जिमि गज अर्क फलनि को मार्यो।।
स्रोत अभिलेख 6.65 · पुस्तक पृ. 834, 835
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कोटि कोटि गिरि सिखर प्रहारा। करहिं भालु कपि एक एक बारा।।
English explanation
The bears and monkeys strike with countless mountain peaks at each assault.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोटि | करोड़ों | crores; countless |
| कोटि | करोड़ों, संख्या पर बल | upon crores, emphasizing vast numbers |
| गिरि | पर्वतों के | of mountains |
| सिखर | शिखरों से | with peaks |
| प्रहारा | प्रहार | blows |
| करहिं | करते हैं | deliver |
| भालु | भालू | bears |
| कपि | वानर | monkeys |
| एक | एक | one |
| एक | एक, प्रत्येक का भाव | each, in the repeated expression |
| बारा | बार में | at a time |
2 मुर् यो न मन तनु टर् यो न टार् यो। जिमि गज अर्क फलनि को मार्यो।।
English explanation
His resolve did not waver, nor did his body budge under their attempts to dislodge him—like an elephant struck with fruits of the milkweed plant.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुर् | डिगने या मुड़ने की क्रिया का अंश | stem fragment meaning to waver or turn |
| यो | भूतकालिक क्रिया का अंतिम अंश | past-tense verb ending |
| न | नहीं | not |
| मन | मन, संकल्प | mind; resolve |
| तनु | शरीर | body |
| टर् | हटने की क्रिया का अंश | stem fragment meaning to move or budge |
| यो | भूतकालिक क्रिया का अंतिम अंश | past-tense verb ending |
| न | नहीं | not |
| टार् | हटाने की क्रिया का अंश | stem fragment meaning to dislodge |
| यो | भूतकालिक क्रिया का अंतिम अंश | past-tense verb ending |
| जिमि | जैसे | like |
| गज | हाथी | an elephant |
| अर्क | आक के | of the milkweed plant |
| फलनि | फलों से | with fruits |
| को | से, द्वारा | with; by |
| मार्यो | मारा गया | struck |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.65
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 834
- सहायक विषय
- कुम्भकर्ण-युद्ध और उसकी परमगति
- मुद्रित पृष्ठ
- 834, 835
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।