लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एतना कपिन्ह सुना जब काना। किलकिलाइ धाए बलवाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवानरोंने जब कानोंसे इतना सुना, तब वे बलवान् किलकिलाकर (हर्षध्वनि करके) दौड़े। वृक्ष और पर्वत [उखाड़कर] उठा लिये और [क्रोधसे] दाँत कटकटाकर उन्हें उसके ऊपर डालने लगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 834 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
एतना कपिन्ह सुना जब काना। किलकिलाइ धाए बलवाना।।
लिए उठाइ बिटप अरु भूधर। कटकटाइ डारहिं ता ऊपर।।
स्रोत अभिलेख 6.65 · पुस्तक पृ. 834, 835
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 एतना कपिन्ह सुना जब काना। किलकिलाइ धाए बलवाना।।
English explanation
When the monkeys heard this much, the mighty warriors rushed forward with shrill cries.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एतना | इतना, यह बात | this much; this news |
| कपिन्ह | वानरों ने | the monkeys |
| सुना | सुना | heard |
| जब | जब | when |
| काना | कानों से | with their ears |
| किलकिलाइ | किलकारियाँ मारकर | with shrill cries |
| धाए | दौड़े | rushed forward |
| बलवाना | बलवान वानर | the mighty monkeys |
2 लिए उठाइ बिटप अरु भूधर। कटकटाइ डारहिं ता ऊपर।।
English explanation
They lifted trees and mountains and, gnashing their teeth, hurled them upon Kumbhakarna.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लिए | ले लिए | took up |
| उठाइ | उठाकर | having lifted |
| बिटप | वृक्ष | trees |
| अरु | और | and |
| भूधर | पर्वत | mountains |
| कटकटाइ | दाँत कटकटाकर | gnashing their teeth |
| डारहिं | फेंकते हैं | hurl |
| ता | उसके, कुंभकर्ण के | him, Kumbhakarna |
| ऊपर | ऊपर | upon |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.65
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 834
- सहायक विषय
- कुम्भकर्ण-युद्ध और उसकी परमगति
- मुद्रित पृष्ठ
- 834, 835
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।