लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कुंभकरन मन दीख बिचारी। हति धन माझ निसाचर धारी।।
मूल पाठ
कुंभकरन मन दीख बिचारी। हति धन माझ निसाचर धारी।।
भा अति क्रुद्ध महाबल बीरा। कियो मृगनायक नाद गँभीरा।।
स्रोत अभिलेख 6.69 · पुस्तक पृ. 838, 838
भावार्थ
मूल पाठ के बादकुम्भकर्णने मनमें विचारकर देखा कि श्रीरामजीने क्षणमात्रमें राक्षसी सेनाका संहार कर डाला। तब वह महाबली वीर अत्यन्त क्रोधित हुआ और उसने गम्भीर सिंहनाद किया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 838 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कुंभकरन मन दीख बिचारी। हति धन माझ निसाचर धारी।।
English explanation
AI draft: Kumbhakarna considered the situation in his mind. The supplied second half-line is unclear and cannot be translated reliably as a whole.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कुंभकरन | कुंभकर्ण, रावण का भाई | Kumbhakarna, Ravana’s brother |
| मन | मन में | in his mind |
| दीख | देखा; समझा | saw; perceived |
| बिचारी | विचार करके | having considered |
| हति | मारकर | having slain |
| धन | — | — |
| माझ | बीच में | amid; in the midst |
| निसाचर | राक्षस | demons; night-roamers |
| धारी | — | — |
2 भा अति क्रुद्ध महाबल बीरा। कियो मृगनायक नाद गँभीरा।।
English explanation
The immensely powerful warrior became furious and gave a deep, lion-like roar.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भा | हुआ | became |
| अति | अत्यंत | extremely |
| क्रुद्ध | क्रोधित | angry |
| महाबल | बहुत बलशाली | immensely powerful |
| बीरा | वीर कुंभकर्ण | the warrior Kumbhakarna |
| कियो | किया | made; gave |
| मृगनायक | सिंह का; सिंह जैसा | of a lion; lion-like |
| नाद | गर्जन | roar |
| गँभीरा | गहरा, गूँजता हुआ | deep and resonant |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.69
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 838
- सहायक विषय
- कुम्भकर्ण-युद्ध और उसकी परमगति
- मुद्रित पृष्ठ
- 838, 838
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।