लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कह रघुबीर कहा मम मानहु। सीतहि सखा पयादें आनहु।।
मूल पाठ
कह रघुबीर कहा मम मानहु। सीतहि सखा पयादें आनहु।।
देखहुँ कपि जननी की नाईं। बिहसि कहा रघुनाथ गोसाई।।
स्रोत अभिलेख 6.108 · पुस्तक पृ. 885, 886
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरघुवीरने कहा—हे मित्र! मेरा कहना मानो और सीताको पैदल ले आओ, जिससे वानर उसको माताकी तरह देखें। गोसाईं श्रीरामजीने हँसकर ऐसा कहा॥ ६॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 886 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कह रघुबीर कहा मम मानहु। सीतहि सखा पयादें आनहु।।
English explanation
Rama said, ‘Heed my words, friend; bring Sita on foot.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहा | said |
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम | Rama, hero of Raghu’s lineage |
| कहा | कही हुई बात | what is said; words |
| मम | मेरा | my |
| मानहु | मानो | heed; obey |
| सीतहि | सीता को | Sita |
| सखा | हे मित्र | friend |
| पयादें | पैदल | on foot |
| आनहु | ले आओ | bring |
2 देखहुँ कपि जननी की नाईं। बिहसि कहा रघुनाथ गोसाई।।
English explanation
Lord Rama said with a smile, ‘Let the monkeys see Sita as their own mother.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखहुँ | देखें | let them see |
| कपि | वानर | the monkeys |
| जननी | माता | mother |
| की | के | of; as |
| नाईं | समान | like; as |
| बिहसि | मुस्कराकर | smiling |
| कहा | कहा | said |
| रघुनाथ | रघुकुल के स्वामी राम | Rama, lord of Raghu’s lineage |
| गोसाई | स्वामी | lord; master |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.108
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 886
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका सीताजीको कुशल सुनाना, सीताजीका आगमन और अग्नि-परीक्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 885, 886
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