लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बेतपानि रच्छक चहुँ पासा। चले सकल मन परम हुलासा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दचारों ओर हाथोंमें छड़ी लिये रक्षक चले। सबके मनोंमें परम उल्लास (उमंग) है। रीछ-वानर सब दर्शन करनेके लिये आये, तब रक्षक क्रोध करके उनको रोकने दौड़े॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 886 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बेतपानि रच्छक चहुँ पासा। चले सकल मन परम हुलासा।।
देखन भालु कीस सब आए। रच्छक कोपि निवारन धाए।।
स्रोत अभिलेख 6.108 · पुस्तक पृ. 885, 886
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बेतपानि रच्छक चहुँ पासा। चले सकल मन परम हुलासा।।
English explanation
Guards holding canes stood on all four sides; everyone proceeded with great joy in their hearts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेतपानि | हाथों में बेंत लिए हुए | holding canes in their hands |
| रच्छक | रक्षक | guards |
| चहुँ | चारों | all four |
| पासा | ओर | sides |
| चले | चले | proceeded |
| सकल | सब | everyone |
| मन | मन में | in their hearts |
| परम | अत्यंत | great; utmost |
| हुलासा | उल्लास | joy; delight |
2 देखन भालु कीस सब आए। रच्छक कोपि निवारन धाए।।
English explanation
All the bears and monkeys came to see Sita; the guards angrily rushed to keep them back.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखन | देखने के लिए | to see |
| भालु | भालू | bears |
| कीस | वानर | monkeys |
| सब | सब | all |
| आए | आए | came |
| रच्छक | रक्षक | guards |
| कोपि | क्रोधित होकर | angrily |
| निवारन | रोकने के लिए | to restrain; keep back |
| धाए | दौड़े | rushed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.108
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 886
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका सीताजीको कुशल सुनाना, सीताजीका आगमन और अग्नि-परीक्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 885, 886
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।