लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
उत रावन इत राम दोहाई। जयति जयति जय परी लराई।।
मूल पाठ
उत रावन इत राम दोहाई। जयति जयति जय परी लराई।।
निसिचर सिखर समूह ढहावहिं। कूदि धरहिं कपि फेरि चलावहिं।।
स्रोत अभिलेख 6.41 · पुस्तक पृ. 812, 812
भावार्थ
मूल पाठ के बादउधर रावणकी और इधर श्रीरामजीकी दोहाई बोली जा रही है। 'जय 'जय 'जय की ध्वनि होते ही लड़ाई छिड़ गयी। राक्षस पहाड़ोंके ढेर-के-ढेर शिखरोंको फेंकते हैं। वानर कूदकर उन्हें पकड़ लेते हैं और वापस उन्हींकी ओर चलाते हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 812 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 उत रावन इत राम दोहाई। जयति जयति जय परी लराई।।
English explanation
On that side they invoke Ravana, and on this side Rama; amid cries of ‘Victory! Victory! Victory!’ the battle begins.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उत | उधर | on that side |
| रावन | राक्षसराज रावण की | of Ravana, the demon king |
| इत | इधर | on this side |
| राम | राम की | of Rama |
| दोहाई | दुहाई; नाम की पुकार | an invoking battle cry |
| जयति | जय हो | victory! |
| जयति | जय हो | victory! |
| जय | जय | victory! |
| परी | छिड़ गई | broke out |
| लराई | लड़ाई | battle |
2 निसिचर सिखर समूह ढहावहिं। कूदि धरहिं कपि फेरि चलावहिं।।
English explanation
The demons send masses of peaks crashing down; the monkeys leap up, catch them, and hurl them back.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निसिचर | राक्षस | demons |
| सिखर | शिखरों के | of peaks |
| समूह | समूह; ढेर | masses |
| ढहावहिं | ढहा देते हैं | send crashing down |
| कूदि | कूदकर | leaping up |
| धरहिं | पकड़ लेते हैं | catch |
| कपि | वानर | monkeys |
| फेरि | वापस | back |
| चलावहिं | फेंकते हैं | hurl |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.41
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 812
- सहायक विषय
- युद्धारम्भ
- मुद्रित पृष्ठ
- 812, 812
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