लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
धरि कुधर खंड प्रचंड मर्कट भालु गढ़ पर डारहीं।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दप्रचण्ड वानर और भालू पर्वतोंके टुकड़े ले-लेकर किलेपर डालते हैं। वे झपटते हैं और राक्षसोंके पैर पकड़कर उन्हें पृथ्वीपर पटककर भाग चलते हैं और फिर ललकारते हैं। बहुत ही चञ्चल और बड़े तेजस्वी वानर-भालू बड़ी फुर्तीसे उछलकर किलेपर चढ़-चढ़कर गये और जहाँ- तहाँ महलोंमें घुसकर श्रीरामजीका यश गाने लगे।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 813 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
धरि कुधर खंड प्रचंड मर्कट भालु गढ़ पर डारहीं।
झपटहिं चरन गहि पटकि महि भजि चलत बहुरि पचारहीं॥
अति तरल तरुन प्रताप तरपहिं तमकि गढ़ चढ़ि चढ़ि गए।
कपि भालु चढ़ि मंदिरन्ह जहँ तहँ राम जसु गावत भए॥
स्रोत अभिलेख 6.41 · पुस्तक पृ. 812, 812
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1धरि कुधर खंड प्रचंड मर्कट भालु गढ़ पर डारहीं।
English explanation
Fierce monkeys and bears seize chunks of mountains and hurl them onto the fort.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धरि | उठाकर; धारण करके | taking up; holding |
| कुधर | पर्वत के | of mountains |
| खंड | टुकड़े | chunks |
| प्रचंड | अत्यंत बलशाली और उग्र | mighty and fierce |
| मर्कट | वानर | monkeys |
| भालु | भालु | bears |
| गढ़ | दुर्ग | the fort |
| पर | पर | onto |
| डारहीं | फेंकते हैं | hurl |
2झपटहिं चरन गहि पटकि महि भजि चलत बहुरि पचारहीं॥
English explanation
They pounce, seize their enemies by the feet, dash them to the ground, and again challenge those fleeing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| झपटहिं | झपटते हैं | pounce |
| चरन | पैर | feet |
| गहि | पकड़कर | seizing |
| पटकि | पटककर | dashing down |
| महि | धरती पर | on the ground |
| भजि | भागकर | fleeing |
| चलत | जाते हुए शत्रुओं को | those going away |
| बहुरि | फिर | again |
| पचारहीं | ललकारते हैं | challenge; call out to fight |
3अति तरल तरुन प्रताप तरपहिं तमकि गढ़ चढ़ि चढ़ि गए।
English explanation
Exceedingly agile and full of youthful prowess, the warriors leap about and climb onto the fort in fierce excitement.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| तरल | चंचल और फुर्तीले | nimble and agile |
| तरुन | यौवन का; युवा | youthful |
| प्रताप | पराक्रम | prowess |
| तरपहिं | उछलते हैं; उत्साह से तड़पते हैं | leap about; surge with eagerness |
| तमकि | आवेश में आकर | roused to fury |
| गढ़ | दुर्ग पर | onto the fort |
| चढ़ि | चढ़ते | climbing |
| चढ़ि | चढ़ते | climbing |
| गए | चले गए | went on |
4कपि भालु चढ़ि मंदिरन्ह जहँ तहँ राम जसु गावत भए॥
English explanation
The monkeys and bears climbed onto buildings here and there and began singing Rama’s glory.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कपि | वानर | monkeys |
| भालु | भालु | bears |
| चढ़ि | चढ़कर | having climbed |
| मंदिरन्ह | भवनों पर | onto buildings |
| जहँ | जहाँ | wherever |
| तहँ | वहाँ | there |
| राम | राम का | of Rama, the prince of Ayodhya |
| जसु | यश | glory; renown |
| गावत | गाते | singing |
| भए | लगे | began |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.41
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 813
- सहायक विषय
- युद्धारम्भ
- मुद्रित पृष्ठ
- 812, 812
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।