लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
आवत मुकुट देखि कपि भागे। दिनहीं लूक परन बिधि लागे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमुकुटोंको आते देखकर वानर भागे। [सोचने लगे] विधाता! क्या दिनमें ही उल्कापात होने लगा (तारे टूटकर गिरने लगे)? अथवा क्या रावणने क्रोध करके चार वज्र चलाये हैं, जो बड़े धायेके साथ (वेगसे) आ रहे हैं?॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 802 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
आवत मुकुट देखि कपि भागे। दिनहीं लूक परन बिधि लागे।।
की रावन करि कोप चलाए। कुलिस चारि आवत अति धाए।।
स्रोत अभिलेख 6.32 · पुस्तक पृ. 802, 803
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 आवत मुकुट देखि कपि भागे। दिनहीं लूक परन बिधि लागे।।
English explanation
Seeing the crowns coming, the monkeys fled, thinking that the Creator had begun making meteors fall even in daylight.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आवत | आते हुए | coming |
| मुकुट | मुकुटों को | the crowns |
| देखि | देखकर | seeing |
| कपि | वानर | the monkeys |
| भागे | भागे | fled |
| दिनहीं | दिन में ही | even in daylight |
| लूक | उल्काएँ | meteors |
| परन | गिराने | to cause to fall |
| बिधि | विधाता | the Creator |
| लागे | लग गया | began |
2 की रावन करि कोप चलाए। कुलिस चारि आवत अति धाए।।
English explanation
Or has Ravana launched these in anger—four thunderbolts rushing toward us at great speed!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| की | या | or |
| रावन | रावण ने | Ravana |
| करि | करके | having felt |
| कोप | क्रोध | anger |
| चलाए | चलाए, छोड़े | launched |
| कुलिस | वज्र | thunderbolts |
| चारि | चार | four |
| आवत | आ रहे हैं | are coming |
| अति | बहुत | very |
| धाए | वेग से दौड़ते हुए | rushing swiftly |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.32
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 802
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 802, 803
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।