लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
आइ बिभीषन पुनि सिरु नायो। कृपासिंधु तब अनुज बोलायो।।
मूल पाठ
आइ बिभीषन पुनि सिरु नायो। कृपासिंधु तब अनुज बोलायो।।
तुम्ह कपीस अंगद नल नीला। जामवंत मारुति नयसीला।।
सब मिलि जाहु बिभीषन साथा। सारेहु तिलक कहेउ रघुनाथा।।
पिता बचन मैं नगर न आवउँ। आपु सरिस कपि अनुज पठावउँ।।
स्रोत अभिलेख 6.106 · पुस्तक पृ. 883, 884
भावार्थ
मूल पाठ के बादसब क्रिया-कर्म करनेके बाद विभीषणने आकर पुन: सिर नवाया। तब कृपाके समुद्र श्रीरामजीने छोटे भाई लक्ष्मणजीको बुलाया। श्रीरघुनाथजीने कहा कि तुम, वानरराज सुग्रीव, अंगद, नल, नील, जाम्बवान् और मारुति सब नीतिनिपुण लोग मिलकर विभीषणके साथ जाओ और उन्हें राजतिलक कर दो। पिताजीके वचनोंके कारण मैं नगरमें नहीं आ सकता। पर अपने ही समान वानर और छोटे भाईको भेजता हूँ॥ १-२॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 883 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 आइ बिभीषन पुनि सिरु नायो। कृपासिंधु तब अनुज बोलायो।।
English explanation
Vibhishana came and bowed his head again. Then Rama, the ocean of compassion, summoned his younger brother Lakshmana.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आइ | आकर | having come |
| बिभीषन | रावण के भाई विभीषण ने | Vibhishana, Ravana’s brother |
| पुनि | फिर | again |
| सिरु | सिर | head |
| नायो | झुकाया | bowed |
| कृपासिंधु | कृपा के सागर श्रीराम ने | Rama, the ocean of compassion |
| तब | तब | then |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण को | his younger brother Lakshmana |
| बोलायो | बुलाया | summoned |
2 तुम्ह कपीस अंगद नल नीला। जामवंत मारुति नयसीला।।
English explanation
Rama addressed them: You, Sugriva the monkey king, Angada, Nala, Nila, Jambavan, and Hanuman, skilled in wise conduct—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्ह | तुम सब | you all |
| कपीस | वानरों के राजा सुग्रीव | Sugriva, king of the monkeys |
| अंगद | बालि के पुत्र अंगद | Angada, son of Vali |
| नल | वानर नल | Nala, a monkey warrior |
| नीला | वानर नील | Nila, a monkey warrior |
| जामवंत | ऋक्षराज जामवंत | Jambavan, the bear king |
| मारुति | पवनपुत्र हनुमान | Hanuman, son of the wind god |
| नयसीला | नीति और सदाचार में निपुण | versed in wise and proper conduct |
3 सब मिलि जाहु बिभीषन साथा। सारेहु तिलक कहेउ रघुनाथा।।
English explanation
Rama said: All of you go together with Vibhishana and carry out his royal consecration.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सब | all of you |
| मिलि | मिलकर | together |
| जाहु | जाओ | go |
| बिभीषन | विभीषण के | Vibhishana |
| साथा | साथ | with |
| सारेहु | संपन्न करो | carry out |
| तिलक | राजतिलक | royal consecration |
| कहेउ | कहा | said |
| रघुनाथा | रघुकुल के स्वामी श्रीराम ने | Rama, lord of the Raghu lineage |
4 पिता बचन मैं नगर न आवउँ। आपु सरिस कपि अनुज पठावउँ।।
English explanation
Because of my father’s word, I will not enter the city; I send the monkeys and my younger brother as my own equals.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पिता | पिता के | my father’s |
| बचन | वचन के कारण | because of his word |
| मैं | मैं | I |
| नगर | नगर में | into the city |
| न | नहीं | not |
| आवउँ | आऊँगा | will enter |
| आपु | अपने | myself |
| सरिस | समान | equal to |
| कपि | वानरों को | the monkeys |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण को | my younger brother Lakshmana |
| पठावउँ | भेजता हूँ | I send |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.106
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 883
- सहायक विषय
- मन्दोदरी-विलाप, रावणकी अन्त्येष्टि-क्रिया
- मुद्रित पृष्ठ
- 883, 884
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।