किष्किन्धाकाण्ड · दोहा 21 · दोहा/सोरठा
एहि बिधि होत बतकही आए बानर जूथ।
एहि बिधि होत बतकही आए बानर जूथ।
नाना बरन सकल दिसि देखिअ कीस बरुथ।।21।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 4.21 · पुस्तक पृ. 701, 702
भावार्थ और शब्दार्थ
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1 एहि बिधि होत बतकही आए बानर जूथ।
इस प्रकार बातचीत हो रही थी कि वानरों के दल आ पहुँचे।
English explanation
While this conversation was taking place, troops of monkeys arrived.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार | manner |
| होत | हो रही थी | was taking place |
| बतकही | बातचीत | conversation |
| आए | आ पहुँचे | arrived |
| बानर | वानरों के | of monkeys |
| जूथ | दल | troops |
2 नाना बरन सकल दिसि देखिअ कीस बरुथ।।21।।
सभी दिशाओं में अनेक रंगों के वानरों के समूह दिखाई दे रहे थे।
English explanation
In every direction, troops of monkeys of many colors could be seen.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाना | अनेक | many |
| बरन | रंगों के | of colors |
| सकल | सभी | all |
| दिसि | दिशाओं में | in directions |
| देखिअ | दिखाई देते हैं | can be seen |
| कीस | वानरों के | of monkeys |
| बरुथ | समूह; दल | groups; troops |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 21
- स्रोत अभिलेख
- 4.21
- सहायक विषय
- सुग्रीव-राम-संवाद और सीताजीकी खोजके लिये बंदरोंका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 701, 702
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