किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हम सीता कै सुधि लिन्हें बिना। नहिं जैंहैं जुबराज प्रबीना।।
मूल पाठ
हम सीता कै सुधि लिन्हें बिना। नहिं जैंहैं जुबराज प्रबीना।।
अस कहि लवन सिंधु तट जाई। बैठे कपि सब दर्भ डसाई।।
स्रोत अभिलेख 4.26 · पुस्तक पृ. 706, 707
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे सुयोग्य युवराज! हमलोग सीताजीकी खोज लिये बिना नहीं लौटेंगे। ऐसा कहकर लवणसागरके तटपर जाकर सब वानर कुश बिछाकर बैठ गये॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 706 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 हम सीता कै सुधि लिन्हें बिना। नहिं जैंहैं जुबराज प्रबीना।।
English explanation
O discerning crown prince, we will not return without obtaining news of Sita.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हम | हम | we |
| सीता | सीता | Sita, Rama’s wife |
| कै | की | of |
| सुधि | खबर | news |
| लिन्हें | प्राप्त किए | having obtained |
| बिना | बिना | without |
| नहिं | नहीं | not |
| जैंहैं | जाएँगे; लौटेंगे | will go; will return |
| जुबराज | हे युवराज अंगद | O crown prince Angada |
| प्रबीना | विवेकी; बुद्धिमान | discerning; wise |
2 अस कहि लवन सिंधु तट जाई। बैठे कपि सब दर्भ डसाई।।
English explanation
Saying this, all the monkeys went to the shore of the salt ocean and sat down after spreading sacred grass.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | thus |
| कहि | कहकर | having said |
| लवन | खारा; लवणयुक्त | salty |
| सिंधु | समुद्र | ocean |
| तट | किनारे पर | to the shore |
| जाई | जाकर | having gone |
| बैठे | बैठ गए | sat down |
| कपि | वानर | monkeys |
| सब | सभी | all |
| दर्भ | कुश घास | sacred kusha grass |
| डसाई | बिछाकर | having spread |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.26
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 706
- सहायक विषय
- वानरोंका समुद्रतटपर आना, सम्पातीसे भेंट और बातचीत
- मुद्रित पृष्ठ
- 706, 707
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।