किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुंदर बन कुसुमित अति सोभा। गुंजत मधुप निकर मधु लोभा।।
मूल पाठ
सुंदर बन कुसुमित अति सोभा। गुंजत मधुप निकर मधु लोभा।।
कंद मूल फल पत्र सुहाए। भए बहुत जब ते प्रभु आए ।।
स्रोत अभिलेख 4.13 · पुस्तक पृ. 695, 695
भावार्थ
मूल पाठ के बादसुन्दर वन फूला हुआ अत्यन्त सुशोभित है। मधुके लोभसे भौंरोंके समूह गुंजार कर रहे हैं। जबसे प्रभु आये, तबसे वनमें सुन्दर कन्द, मूल, फल और पत्तोंकी बहुतायत हो गयी॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 695 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सुंदर बन कुसुमित अति सोभा। गुंजत मधुप निकर मधु लोभा।।
English explanation
The beautiful forest, full of blossoms, is splendid. Swarms of bees hum, drawn by nectar.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| बन | वन | forest |
| कुसुमित | फूलों से खिला हुआ | in bloom |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| सोभा | शोभा | splendor |
| गुंजत | गूँज रहे हैं | are humming |
| मधुप | भौंरे | bees |
| निकर | समूह | swarms |
| मधु | पुष्पों का मधुर रस | flower nectar |
| लोभा | के लोभ में | drawn by desire for |
2 कंद मूल फल पत्र सुहाए। भए बहुत जब ते प्रभु आए ।।
English explanation
Since Lord Rama arrived, lovely tubers, roots, fruits, and leaves have become abundant.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कंद | कंद | tubers |
| मूल | जड़ें | roots |
| फल | फल | fruits |
| पत्र | पत्ते | leaves |
| सुहाए | सुंदर | lovely |
| भए | हो गए | have become |
| बहुत | बहुतायत में | abundant |
| जब | जब | when |
| ते | से | since |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| आए | आए | arrived |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.13
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 695
- सहायक विषय
- वर्षा-ऋतु-वर्णन
- मुद्रित पृष्ठ
- 695, 695
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।