किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखि मनोहर सैल अनूपा। रहे तहँ अनुज सहित सुरभूपा।।
मूल पाठ
देखि मनोहर सैल अनूपा। रहे तहँ अनुज सहित सुरभूपा।।
मधुकर खग मृग तनु धरि देवा। करहिं सिद्ध मुनि प्रभु कै सेवा।।
स्रोत अभिलेख 4.13 · पुस्तक पृ. 695, 695
भावार्थ
मूल पाठ के बादमनोहर और अनुपम पर्वतको देखकर देवताओंके सम्राट् श्रीरामजी छोटे भाईसहित वहाँ रह गये। देवता, सिद्ध और मुनि भौंरों, पक्षियों और पशुओंके शरीर धारण करके प्रभुकी सेवा करने लगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 695 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 देखि मनोहर सैल अनूपा। रहे तहँ अनुज सहित सुरभूपा।।
English explanation
Seeing the charming, matchless mountain, Rama, lord of the gods, stayed there with his younger brother.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | having seen |
| मनोहर | मन को मोहने वाला | charming |
| सैल | पर्वत | mountain |
| अनूपा | अनुपम | matchless |
| रहे | रहने लगे | stayed |
| तहँ | वहाँ | there |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण | younger brother Lakshmana |
| सहित | के साथ | with |
| सुरभूपा | देवताओं के स्वामी राम | Rama, lord of the gods |
2 मधुकर खग मृग तनु धरि देवा। करहिं सिद्ध मुनि प्रभु कै सेवा।।
English explanation
Gods, perfected beings, and sages assume the forms of bees, birds, and wild animals and serve the Lord.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मधुकर | भौंरों के | of bees |
| खग | पक्षियों के | of birds |
| मृग | वन्य पशुओं के | of wild animals |
| तनु | शरीर | bodies |
| धरि | धारण करके | having assumed |
| देवा | देवता | gods |
| करहिं | करते हैं | perform |
| सिद्ध | सिद्ध पुरुष | perfected beings |
| मुनि | मुनि | sages |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| कै | की | of |
| सेवा | सेवा | service |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.13
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 695
- सहायक विषय
- वर्षा-ऋतु-वर्णन
- मुद्रित पृष्ठ
- 695, 695
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।