किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम बालि निज धाम पठावा। नगर लोग सब ब्याकुल धावा।।
मूल पाठ
राम बालि निज धाम पठावा। नगर लोग सब ब्याकुल धावा।।
नाना बिधि बिलाप कर तारा। छूटे केस न देह सँभारा।।
स्रोत अभिलेख 4.11 · पुस्तक पृ. 693, 694
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामचन्द्रजीने बालिको अपने परम धाम भेज दिया। नगरके सब लोग व्याकुल होकर दौड़े। बालिकी स्त्री तारा अनेकों प्रकारसे विलाप करने लगी। उसके बाल बिखरे हुए हैं और देहकी सँभाल नहीं है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 693 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 राम बालि निज धाम पठावा। नगर लोग सब ब्याकुल धावा।।
English explanation
Rama sent Bali to his own abode. All the townspeople rushed over in distress.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम ने | Rama |
| बालि | वानरराज बालि को | Bali, the monkey king |
| निज | अपने | his own |
| धाम | धाम में | to his abode |
| पठावा | भेज दिया | sent |
| नगर | नगर के | of the town |
| लोग | लोग | people |
| सब | सभी | all |
| ब्याकुल | व्याकुल होकर | in distress |
| धावा | दौड़े आए | rushed over |
2 नाना बिधि बिलाप कर तारा। छूटे केस न देह सँभारा।।
English explanation
Tara laments in many ways. Her hair is loose, and she pays no attention to her body.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाना | अनेक | many |
| बिधि | प्रकार से | in ways |
| बिलाप | विलाप | lamentation |
| कर | करती है | makes |
| तारा | बालि की पत्नी तारा | Tara, Bali’s wife |
| छूटे | खुले हुए | loosened |
| केस | बाल | hair |
| न | नहीं | not |
| देह | शरीर की | of her body |
| सँभारा | सुध रखी | took care |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.11
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 693
- सहायक विषय
- ताराका विलाप, ताराको श्रीरामजी-द्वारा उपदेश और सुग्रीवका राज्याभिषेक तथा अंगदको युवराजपद
- मुद्रित पृष्ठ
- 693, 694
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।