किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मृदुल मनोहर सुंदर गाता। सहत दुसह बन आतप बाता।।
मूल पाठ
मृदुल मनोहर सुंदर गाता। सहत दुसह बन आतप बाता।।
की तुम्ह तीनि देव महँ कोऊ। नर नारायन की तुम्ह दोऊ।।
स्रोत अभिलेख 4.1 · पुस्तक पृ. 682, 683
भावार्थ
मूल पाठ के बादमनको हरण करनेवाले आपके सुन्दर, कोमल अंग हैं, और आप वनके दु:सह धूप और वायुको सह रहे हैं। क्या आप ब्रह्मा, विष्णु, महेश—इन तीन देवताओंमेंसे कोई हैं, या आप दोनों नर और नारायण हैं॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 683 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मृदुल मनोहर सुंदर गाता। सहत दुसह बन आतप बाता।।
English explanation
“Your bodies are delicate, charming, and beautiful, yet you endure the forest’s unbearable sun and wind.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मृदुल | कोमल | delicate |
| मनोहर | मन को मोहने वाले | charming |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| गाता | शरीर | bodies |
| सहत | सहते हो | you endure |
| दुसह | असह्य | unbearable |
| बन | वन की | of the forest |
| आतप | धूप; सूर्य का ताप | sun; solar heat |
| बाता | हवा | wind |
2 की तुम्ह तीनि देव महँ कोऊ। नर नारायन की तुम्ह दोऊ।।
English explanation
“Are you among the three gods, or are you the pair Nara and Narayana?”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| की | क्या | are; is it that |
| तुम्ह | तुम | you |
| तीनि | तीन | three |
| देव | देवों | gods |
| महँ | में से | among |
| कोऊ | कोई | any |
| नर | नर ऋषि | Nara, the sage |
| नारायन | नारायण ऋषि | Narayana, the sage |
| की | अथवा क्या | or are |
| तुम्ह | तुम | you |
| दोऊ | दोनों | both |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 683
- सहायक विषय
- श्रीरामजीसे हनुमान्जीका मिलना और श्रीराम-सुग्रीवकी मित्रता
- मुद्रित पृष्ठ
- 682, 683
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।