किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मज्जनु कीन्ह मधुर फल खाए। तासु निकट पुनि सब चलि आए।।
मूल पाठ
मज्जनु कीन्ह मधुर फल खाए। तासु निकट पुनि सब चलि आए।।
तेहिं सब आपनि कथा सुनाई। मैं अब जाब जहाँ रघुराई।।
स्रोत अभिलेख 4.25 · पुस्तक पृ. 705, 706
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[आज्ञा पाकर] सबने स्नान किया, मीठे फल खाये और फिर सब उसके पास चले आये। तब उसने अपनी सब कथा कह सुनायी [और कहा—] मैं अब वहाँ जाऊँगी जहाँ श्रीरघुनाथजी हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 705 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मज्जनु कीन्ह मधुर फल खाए। तासु निकट पुनि सब चलि आए।।
English explanation
The monkeys bathed and ate sweet fruits; then they all came back to Svayamprabha.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मज्जनु | स्नान | bathing |
| कीन्ह | किया | performed |
| मधुर | मीठे | sweet |
| फल | फल | fruits |
| खाए | खाए | ate |
| तासु | उनके, स्वयंप्रभा के | her, Svayamprabha’s |
| निकट | पास | near |
| पुनि | फिर | then again |
| सब | सब | all |
| चलि | चलकर | having walked |
| आए | आए | came |
2 तेहिं सब आपनि कथा सुनाई। मैं अब जाब जहाँ रघुराई।।
English explanation
Svayamprabha related her whole story and said, “Now I shall go where Rama is.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहिं | उन्होंने, स्वयंप्रभा ने | she, Svayamprabha |
| सब | पूरी | the whole |
| आपनि | अपनी | her own |
| कथा | कथा | story |
| सुनाई | सुनाई | related |
| मैं | मैं | I |
| अब | अब | now |
| जाब | जाऊँगी | shall go |
| जहाँ | जहाँ | where |
| रघुराई | रघुकुल के राजा राम | Rama, king of Raghu’s lineage |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.25
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 705
- सहायक विषय
- वानरोंका समुद्रतटपर आना, सम्पातीसे भेंट और बातचीत
- मुद्रित पृष्ठ
- 705, 706
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।