किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बानर कटक उमा में देखा। सो मूरुख जो करन चह लेखा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[शिवजी कहते हैं—] हे उमा! वानरोंकी वह सेना मैंने देखी थी। उसकी जो गिनती करना चाहे वह महान् मूर्ख है। सब वानर आ-आकर श्रीरामजीके चरणोंमें मस्तक नवाते हैं और [सौन्दर्य-माधुर्यनिधि] श्रीमुखके दर्शन करके कृतार्थ होते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 702 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बानर कटक उमा में देखा। सो मूरुख जो करन चह लेखा।।
आइ राम पद नावहिं माथा। निरखि बदनु सब होहिं सनाथा।।
स्रोत अभिलेख 4.22 · पुस्तक पृ. 702, 703
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बानर कटक उमा में देखा। सो मूरुख जो करन चह लेखा।।
English explanation
AI-draft interpretation: O Uma, I have seen the monkey army. Anyone who wishes to count it is foolish.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बानर | वानरों की | of the monkeys |
| कटक | सेना | army |
| उमा | हे उमा, पार्वती | O Uma, Parvati |
| में | मैंने | I |
| देखा | देखी है | have seen |
| सो | वह | that person |
| मूरुख | मूर्ख है | is foolish |
| जो | जो | who |
| करन | करना | to make |
| चह | चाहता है | wishes |
| लेखा | गिनती | a count |
2 आइ राम पद नावहिं माथा। निरखि बदनु सब होहिं सनाथा।।
English explanation
The monkeys come and bow their heads at Rama’s feet; seeing his face, they all feel they have found a protector.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आइ | आकर | having come |
| राम | राम के | Rama’s |
| पद | चरणों में | at the feet |
| नावहिं | झुकाते हैं | bow |
| माथा | सिर | their heads |
| निरखि | देखकर | on seeing |
| बदनु | मुख | his face |
| सब | सभी | all |
| होहिं | हो जाते हैं | become |
| सनाथा | नाथ के संरक्षण से युक्त | provided with a protector |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 702
- सहायक विषय
- सुग्रीव-राम-संवाद और सीताजीकी खोजके लिये बंदरोंका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 702, 703
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।