किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
परा बिकल महि सर के लागें। पुनि उठि बैठ देखि प्रभु आगें।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दबाणके लगते ही बालि व्याकुल होकर पृथ्वीपर गिर पड़ा। किन्तु प्रभु श्रीरामचन्द्रजीको आगे देखकर वह फिर उठ बैठा। भगवान्का श्याम शरीर है, सिरपर जटा बनाये हैं, लाल नेत्र हैं, बाण लिये हैं और धनुष चढ़ाये हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 691 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
परा बिकल महि सर के लागें। पुनि उठि बैठ देखि प्रभु आगें।।
स्याम गात सिर जटा बनाएँ। अरुन नयन सर चाप चढ़ाएँ।।
स्रोत अभिलेख 4.9 · पुस्तक पृ. 691, 691
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 परा बिकल महि सर के लागें। पुनि उठि बैठ देखि प्रभु आगें।।
English explanation
AI draft: Struck by the arrow, Bali fell distressed to the ground. Then, seeing the Lord before him, he sat up.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| परा | गिर पड़ा | fell |
| बिकल | व्याकुल | distressed |
| महि | धरती पर | on the ground |
| सर | बाण | arrow |
| के | के | of |
| लागें | लगने पर | upon striking |
| पुनि | फिर | then |
| उठि | उठकर | rising |
| बैठ | बैठ गया | sat up |
| देखि | देखकर | seeing |
| प्रभु | प्रभु राम को | Lord Rama |
| आगें | सामने | before him |
2 स्याम गात सिर जटा बनाएँ। अरुन नयन सर चाप चढ़ाएँ।।
English explanation
The Lord had a dark body, matted locks arranged on his head, reddish eyes, and an arrow fitted to his bow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| स्याम | साँवला | dark-hued |
| गात | शरीर | body |
| सिर | सिर पर | on his head |
| जटा | जटाएँ | matted locks |
| बनाएँ | सँवारी हुई | arranged |
| अरुन | लालिमा लिए | reddish |
| नयन | नेत्र | eyes |
| सर | बाण | arrow |
| चाप | धनुष पर | on the bow |
| चढ़ाएँ | चढ़ाए हुए | fitted |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.9
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 691
- सहायक विषय
- बालि-सुग्रीव-युद्ध, बालि-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 691, 691
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।