किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
धर्म हेतु अवतरेहु गोसाई। मारेहु मोहि ब्याध की नाई।।
मूल पाठ
धर्म हेतु अवतरेहु गोसाई। मारेहु मोहि ब्याध की नाई।।
मैं बैरी सुग्रीव पिआरा। अवगुन कबन नाथ मोहि मारा।।
स्रोत अभिलेख 4.9 · पुस्तक पृ. 691, 691
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे गोसाईं! आपने धर्मकी रक्षाके लिये अवतार लिया है और मुझे व्याधकी तरह (छिपकर) मारा? मैं वैरी और सुग्रीव प्यारा? हे नाथ! किस दोषसे आपने मुझे मारा?॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 691 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 धर्म हेतु अवतरेहु गोसाई। मारेहु मोहि ब्याध की नाई।।
English explanation
Master, you descended for the sake of dharma, yet you struck me like a hunter.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धर्म | धर्म | righteousness |
| हेतु | के लिए | for the sake of |
| अवतरेहु | आप अवतरित हुए | you descended |
| गोसाई | हे स्वामी | O Master |
| मारेहु | आपने मारा | you struck |
| मोहि | मुझे | me |
| ब्याध | शिकारी | hunter |
| की | की | of |
| नाई | तरह | in the manner |
2 मैं बैरी सुग्रीव पिआरा। अवगुन कबन नाथ मोहि मारा।।
English explanation
Am I your enemy while Sugriva is dear to you? Lord, for what fault of mine did you strike me?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मैं | मैं, बालि | I, Bali |
| बैरी | शत्रु | enemy |
| सुग्रीव | बालि का छोटा भाई सुग्रीव | Sugriva, Bali’s younger brother |
| पिआरा | प्रिय | dear |
| अवगुन | दोष के कारण | for a fault |
| कबन | किस | which |
| नाथ | हे नाथ | O Lord |
| मोहि | मुझे | me |
| मारा | मारा | struck |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.9
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 691
- सहायक विषय
- बालि-सुग्रीव-युद्ध, बालि-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 691, 691
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।