किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तब सुग्रीव बिकल होइ भागा। मुष्टि प्रहार बज्र सम लागा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतब सुग्रीव व्याकुल होकर भागा। घूँसेकी चोट उसे वज्रके समान लगी। [सुग्रीवने आकर कहा—] हे कृपालु रघुवीर! मैंने आपसे पहले ही कहा था कि बालि मेरा भाई नहीं है, काल है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 690 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तब सुग्रीव बिकल होइ भागा। मुष्टि प्रहार बज्र सम लागा।।
मैं जो कहा रघुबीर कृपाला। बंधु न होइ मोर यह काला।।
स्रोत अभिलेख 4.8 · पुस्तक पृ. 690, 691
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तब सुग्रीव बिकल होइ भागा। मुष्टि प्रहार बज्र सम लागा।।
English explanation
Then Sugriva fled in distress; the fist blow struck him like a thunderbolt.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| सुग्रीव | बाली का भाई सुग्रीव | Sugriva, Bali’s brother |
| बिकल | व्याकुल | distressed |
| होइ | होकर | having become |
| भागा | भाग गया | fled |
| मुष्टि | मुट्ठी का | of the fist |
| प्रहार | प्रहार | blow |
| बज्र | वज्र | a thunderbolt |
| सम | के समान | like |
| लागा | लगा | struck him |
2 मैं जो कहा रघुबीर कृपाला। बंधु न होइ मोर यह काला।।
English explanation
Sugriva said: O compassionate Rama, as I told you, this is no brother of mine but my death.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मैं | मैंने | I |
| जो | जो बात | what |
| कहा | कही थी | had said |
| रघुबीर | हे रघुवंश के वीर राम | O Rama, hero of Raghu’s line |
| कृपाला | हे कृपालु | O compassionate one |
| बंधु | भाई | brother |
| न | नहीं | not |
| होइ | है | is |
| मोर | मेरा | my |
| यह | यह बाली | this Bali |
| काला | काल; मृत्यु लाने वाला | death; one who brings death |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.8
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 690
- सहायक विषय
- बालि-सुग्रीव-युद्ध, बालि-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 690, 691
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।