किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एकरूप तुम्ह भ्राता दोऊ। तेहि भ्रम तें नहिं मारेउँ सोऊ।।
मूल पाठ
एकरूप तुम्ह भ्राता दोऊ। तेहि भ्रम तें नहिं मारेउँ सोऊ।।
कर परसा सुग्रीव सरीरा। तनु भा कुलिस गई सब पीरा।।
स्रोत अभिलेख 4.8 · पुस्तक पृ. 690, 691
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[श्रीरामजीने कहा—] तुम दोनों भाइयोंका एक-सा ही रूप है। इसी भ्रमसे मैंने उसको नहीं मारा। फिर श्रीरामजीने सुग्रीवके शरीरको हाथसे स्पर्श किया, जिससे उसका शरीर वज्रके समान हो गया और सारी पीड़ा जाती रही॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 690 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 एकरूप तुम्ह भ्राता दोऊ। तेहि भ्रम तें नहिं मारेउँ सोऊ।।
English explanation
Rama said: You two brothers look alike; because of that confusion, I did not strike him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एकरूप | एक जैसे रूप वाले | alike in appearance |
| तुम्ह | तुम | you |
| भ्राता | भाई | brothers |
| दोऊ | दोनों | both |
| तेहि | उसी | that very |
| भ्रम | पहचान के भ्रम | confusion of identity |
| तें | के कारण | because of |
| नहिं | नहीं | not |
| मारेउँ | मैंने मारा | I struck |
| सोऊ | उस बाली को | him, Bali |
2 कर परसा सुग्रीव सरीरा। तनु भा कुलिस गई सब पीरा।।
English explanation
Rama touched Sugriva’s body with his hand; it became like a thunderbolt, and all his pain vanished.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कर | हाथ से | with his hand |
| परसा | स्पर्श किया | touched |
| सुग्रीव | सुग्रीव का | Sugriva’s |
| सरीरा | शरीर | body |
| तनु | शरीर | body |
| भा | हो गया | became |
| कुलिस | वज्र के समान | like a thunderbolt |
| गई | दूर हो गई | vanished |
| सब | सारी | all |
| पीरा | पीड़ा | pain |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.8
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 690
- सहायक विषय
- बालि-सुग्रीव-युद्ध, बालि-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 690, 691
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।