किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ठाढ़े जहँ तहँ आयसु पाई। कह सुग्रीव सबहि समुझाई।।
मूल पाठ
ठाढ़े जहँ तहँ आयसु पाई। कह सुग्रीव सबहि समुझाई।।
राम काजु अरु मोर निहोरा। बानर जूथ जाहु चहुँ ओरा।।
स्रोत अभिलेख 4.22 · पुस्तक पृ. 702, 703
भावार्थ
मूल पाठ के बादआज्ञा पाकर सब जहाँ-तहाँ खड़े हो गये। तब सुग्रीवने सबको समझाकर कहा कि हे वानरोंके समूहो! यह श्रीरामचन्द्रजीका कार्य है और मेरा निहोरा (अनुरोध) है; तुम चारों ओर जाओ॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 703 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 ठाढ़े जहँ तहँ आयसु पाई। कह सुग्रीव सबहि समुझाई।।
English explanation
The monkeys stood here and there. Having received permission, Sugriva addressed them all with instructions.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ठाढ़े | खड़े थे | stood |
| जहँ | जहाँ | where |
| तहँ | तहाँ; यहाँ-तहाँ | there; here and there |
| आयसु | आज्ञा | permission |
| पाई | पाकर | having received |
| कह | कहा | said |
| सुग्रीव | वानरराज सुग्रीव ने | Sugriva, the monkey king |
| सबहि | सभी को | to everyone |
| समुझाई | समझाकर | explaining the instructions |
2 राम काजु अरु मोर निहोरा। बानर जूथ जाहु चहुँ ओरा।।
English explanation
This is Rama’s task and also my request: monkey troops, go in all four directions.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम का | Rama’s |
| काजु | कार्य | task |
| अरु | और | and |
| मोर | मेरा | my |
| निहोरा | अनुरोध | request |
| बानर | वानरों के | monkey |
| जूथ | हे दलो | O troops |
| जाहु | जाओ | go |
| चहुँ | चारों | all four |
| ओरा | दिशाओं में | directions |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 703
- सहायक विषय
- सुग्रीव-राम-संवाद और सीताजीकी खोजके लिये बंदरोंका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 702, 703
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।