किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जनकसुता कहुँ खोजहु जाई। मास दिवस महँ आएहु भाई।।
मूल पाठ
जनकसुता कहुँ खोजहु जाई। मास दिवस महँ आएहु भाई।।
अवधि मेटि जो बिनु सुधि पाएँ। आवइ बनिहि सो मोहि मराएँ।।
स्रोत अभिलेख 4.22 · पुस्तक पृ. 702, 703
भावार्थ
मूल पाठ के बादऔर जाकर जानकीजीको खोजो। हे भाई! महीनेभरमें वापस आ जाना। जो [महीनेभरकी] अवधि बिताकर बिना पता लगाये ही लौट आवेगा उसे मेरे द्वारा मरवाते ही बनेगा (अर्थात् मुझे उसका वध करवाना ही पड़ेगा)॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 703 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जनकसुता कहुँ खोजहु जाई। मास दिवस महँ आएहु भाई।।
English explanation
Go and search for Sita, Janaka’s daughter, and return within a month, brothers.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जनकसुता | जनक की पुत्री सीता | Sita, Janaka’s daughter |
| कहुँ | को | for |
| खोजहु | खोजो | search |
| जाई | जाकर | having gone |
| मास | एक महीने | a month |
| दिवस | की अवधि | of time |
| महँ | के भीतर | within |
| आएहु | लौट आना | return |
| भाई | हे भाइयो | O brothers |
2 अवधि मेटि जो बिनु सुधि पाएँ। आवइ बनिहि सो मोहि मराएँ।।
English explanation
Whoever returns after exceeding the deadline without obtaining news of Sita will have to be put to death by my order.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अवधि | निर्धारित समय-सीमा | the prescribed deadline |
| मेटि | लाँघकर | having exceeded |
| जो | जो कोई | whoever |
| बिनु | बिना | without |
| सुधि | सीता का समाचार | news of Sita |
| पाएँ | प्राप्त किए | obtaining |
| आवइ | लौट आएगा | returns |
| बनिहि | करना पड़ेगा | will have to |
| सो | उसे | that person |
| मोहि | मुझे | by me |
| मराएँ | मरवाना | have put to death |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 703
- सहायक विषय
- सुग्रीव-राम-संवाद और सीताजीकी खोजके लिये बंदरोंका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 702, 703
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।