किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जो कछु कहेहु सत्य सब सोई। सखा बचन मम मृषा न होई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतुमने जो कुछ कहा है, वह सभी सत्य है; परन्तु हे सखा! मेरा वचन मिथ्या नहीं होता (अर्थात् बालि मारा जायगा और तुम्हें राज्य मिलेगा)। [काकभुशुण्डिजी कहते हैं कि—] हे पक्षियोंके राजा गरुड़! नट (मदारी) के बंदरकी तरह श्रीरामजी सबको नचाते हैं, वेद ऐसा कहते हैं॥ १२॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 689 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जो कछु कहेहु सत्य सब सोई। सखा बचन मम मृषा न होई।।
नट मरकट इव सबहि नचावत। रामु खगेस बेद अस गावत।।
स्रोत अभिलेख 4.7 · पुस्तक पृ. 687, 690
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जो कछु कहेहु सत्य सब सोई। सखा बचन मम मृषा न होई।।
English explanation
‘Everything you have said is true; yet, friend, my promise will not prove false.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जो | what |
| कछु | कुछ | whatever |
| कहेहु | तुमने कहा | you have said |
| सत्य | सत्य | true |
| सब | सब | all |
| सोई | वह | that |
| सखा | हे मित्र | O friend |
| बचन | वचन | promise |
| मम | मेरा | my |
| मृषा | झूठा | false |
| न | नहीं | not |
| होई | होगा | will become |
2 नट मरकट इव सबहि नचावत। रामु खगेस बेद अस गावत।।
English explanation
O king of birds, Rama makes everyone dance as a performer makes a monkey dance; so the Vedas sing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नट | नट | performer |
| मरकट | बंदर को | a monkey |
| इव | जैसे | as |
| सबहि | सबको | everyone |
| नचावत | नचाते हैं | make dance |
| रामु | राम | Rama |
| खगेस | हे पक्षिराज गरुड़ | O Garuda, king of birds |
| बेद | वेद | the Vedas |
| अस | ऐसा | thus |
| गावत | गाते हैं | sing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.7
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 689
- सहायक विषय
- सुग्रीवका दु:ख सुनाना, बालिवधकी प्रतिज्ञा, श्रीरामजीका मित्र-लक्षण-वर्णन · सुग्रीवका वैराग्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 687, 690
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।