किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गिरिबर गुहाँ पैठ सो जाई। तब बालीं मोहि कहा बुझाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवह मायावी एक पर्वतकी गुफामें जा घुसा। तब बालिने मुझे समझाकर कहा—तुम एक पखवाड़े (पंद्रह दिन) तक मेरी बाट देखना। यदि मैं उतने दिनोंमें न आऊँ तो जान लेना कि मैं मारा गया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 686 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
गिरिबर गुहाँ पैठ सो जाई। तब बालीं मोहि कहा बुझाई।।
परिखेसु मोहि एक पखवारा। नहिं आवौं तब जानेसु मारा।।
स्रोत अभिलेख 4.6 · पुस्तक पृ. 686, 687
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 गिरिबर गुहाँ पैठ सो जाई। तब बालीं मोहि कहा बुझाई।।
English explanation
He went into a cave in a great mountain. Bali then instructed me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गिरिबर | बड़े पर्वत की | of a great mountain |
| गुहाँ | गुफा में | into a cave |
| पैठ | घुस गया | entered |
| सो | वह मायावी | he, Mayavi |
| जाई | जाकर | having gone |
| तब | तब | then |
| बालीं | बालि ने | Bali |
| मोहि | मुझसे | to me |
| कहा | कहा | said |
| बुझाई | समझाकर | explaining |
2 परिखेसु मोहि एक पखवारा। नहिं आवौं तब जानेसु मारा।।
English explanation
Wait for me for a fortnight. If I do not return, consider me killed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| परिखेसु | प्रतीक्षा करना | wait for |
| मोहि | मेरी | me |
| एक | एक | one |
| पखवारा | पखवाड़े तक | for a fortnight |
| नहिं | नहीं | not |
| आवौं | मैं लौटूँ | I return |
| तब | तब | then |
| जानेसु | समझना | consider |
| मारा | मारा गया | killed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.6
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 686
- सहायक विषय
- सुग्रीवका दु:ख सुनाना, बालिवधकी प्रतिज्ञा, श्रीरामजीका मित्र-लक्षण-वर्णन
- मुद्रित पृष्ठ
- 686, 687
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।