किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कोसलेस सुत लछिमन रामा। कालहु जीति सकहिं संग्रामा।।
मूल पाठ
कोसलेस सुत लछिमन रामा। कालहु जीति सकहिं संग्रामा।।
स्रोत अभिलेख 4.7 · पुस्तक पृ. 687, 690
भावार्थ
मूल पाठ के बादवे कोसलाधीश दशरथजीके पुत्र राम और लक्ष्मण संग्राममें कालको भी जीत सकते हैं॥ १५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 690 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कोसलेस सुत लछिमन रामा। कालहु जीति सकहिं संग्रामा।।
English explanation
‘Lakshmana and Rama, sons of Dasharatha, king of Kosala, can conquer even Death in battle.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोसलेस | कोसलराज दशरथ के | of Dasharatha, king of Kosala |
| सुत | पुत्र | sons |
| लछिमन | लक्ष्मण | Lakshmana, Rama's brother |
| रामा | राम | Rama |
| कालहु | काल को भी | even Death |
| जीति | जीत | conquer |
| सकहिं | सकते हैं | can |
| संग्रामा | युद्ध में | in battle |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.7
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 690
- सहायक विषय
- सुग्रीवका दु:ख सुनाना, बालिवधकी प्रतिज्ञा, श्रीरामजीका मित्र-लक्षण-वर्णन · सुग्रीवका वैराग्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 687, 690
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