किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कह अंगद लोचन भरि बारी। दुहुँ प्रकार भइ मृत्यु हमारी।।
मूल पाठ
कह अंगद लोचन भरि बारी। दुहुँ प्रकार भइ मृत्यु हमारी।।
इहाँ न सुधि सीता कै पाई। उहाँ गएँ मारिहि कपिराई।।
स्रोत अभिलेख 4.26 · पुस्तक पृ. 706, 707
भावार्थ
मूल पाठ के बादअंगदने नेत्रोंमें जल भरकर कहा कि दोनों ही प्रकारसे हमारी मृत्यु हुई। यहाँ तो सीताजीकी सुध नहीं मिली और वहाँ जानेपर वानरराज सुग्रीव मार डालेंगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 706 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कह अंगद लोचन भरि बारी। दुहुँ प्रकार भइ मृत्यु हमारी।।
English explanation
With tears filling his eyes, Angada says: In either case, our death is certain.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहते हैं | says |
| अंगद | अंगद, बालि के पुत्र | Angada, Bali’s son |
| लोचन | आँखें | eyes |
| भरि | भरकर | filling |
| बारी | आँसू | tears |
| दुहुँ | दोनों | both |
| प्रकार | दशाओं में | in cases |
| भइ | हो गई | has become certain |
| मृत्यु | मृत्यु | death |
| हमारी | हमारी | our |
2 इहाँ न सुधि सीता कै पाई। उहाँ गएँ मारिहि कपिराई।।
English explanation
Here we have found no news of Sita; if we return there, the monkey king Sugriva will kill us.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| इहाँ | यहाँ | here |
| न | नहीं | not |
| सुधि | खबर | news |
| सीता | सीता, राम की पत्नी | Sita, Rama’s wife |
| कै | की | of |
| पाई | प्राप्त हुई | was obtained |
| उहाँ | वहाँ | there |
| गएँ | जाने पर | upon returning |
| मारिहि | मार डालेंगे | will kill |
| कपिराई | वानरराज सुग्रीव | Sugriva, king of the monkeys |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.26
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 706
- सहायक विषय
- वानरोंका समुद्रतटपर आना, सम्पातीसे भेंट और बातचीत
- मुद्रित पृष्ठ
- 706, 707
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।