किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कनक बरन तन तेज बिराजा। मानहु अपर गिरिन्ह कर राजा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउनका सोनेका-सा रंग है, शरीरपर तेज सुशोभित है, मानो दूसरा पर्वतोंका राजा सुमेरु हो। हनुमान्जीने बार-बार सिंहनाद करके कहा—मैं इस खारे समुद्रको खेलमें ही लाँघ सकता हूँ॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 710 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कनक बरन तन तेज बिराजा। मानहु अपर गिरिन्ह कर राजा।।
सिंहनाद करि बारहिं बारा। लीलहीं नाषउँ जलनिधि खारा।।
स्रोत अभिलेख 4.3 · पुस्तक पृ. 710, 711
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कनक बरन तन तेज बिराजा। मानहु अपर गिरिन्ह कर राजा।।
English explanation
Radiance shone upon his golden body, as though he were another king of mountains.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कनक | सोना | gold |
| बरन | रंग | color |
| तन | शरीर | body |
| तेज | तेज | radiance |
| बिराजा | शोभित हुआ | shone splendidly |
| मानहु | मानो | as though |
| अपर | दूसरा | another |
| गिरिन्ह | पर्वतों | mountains |
| कर | का | of |
| राजा | राजा | king |
2 सिंहनाद करि बारहिं बारा। लीलहीं नाषउँ जलनिधि खारा।।
English explanation
Roaring repeatedly like a lion, Hanuman says, ‘I can cross the salty ocean with ease.’ The supplied ‘नाषउँ’ is uncertain.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिंहनाद | सिंह जैसी गर्जना | a lion-like roar |
| करि | करके | having made |
| बारहिं | बार-बार | repeatedly |
| बारा | बार | times |
| लीलहीं | सहज ही; खेल-खेल में | with effortless ease |
| नाषउँ | लाँघ सकता हूँ — संभावित आशय | can cross — probable sense |
| जलनिधि | समुद्र | ocean |
| खारा | खारा | salty |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 710
- सहायक विषय
- समुद्र लाँघनेका परामर्श, जाम्बवन्तका हनुमान्जीको बल याद दिलाकर उत्साहित करना · श्रीरामगुणका माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 710, 711
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।