किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अस कहि गरुड़ गीध जब गयऊ। तिन्ह कें मन अति बिसमय भयऊ।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[काकभुशुण्डिजी कहते हैं—] हे गरुडज़ी! इस प्रकार कहकर जब गीध चला गया, तब उन (वानरों) के मनमें अत्यन्त विस्मय हुआ। सब किसीने अपना-अपना बल कहा! पर समुद्रके पार जानेमें सभीने सन्देह प्रकट किया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 709 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अस कहि गरुड़ गीध जब गयऊ। तिन्ह कें मन अति बिसमय भयऊ।।
निज निज बल सब काहूँ भाषा। पार जाइ कर संसय राखा।।
स्रोत अभिलेख 4.29 · पुस्तक पृ. 709, 710
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 अस कहि गरुड़ गीध जब गयऊ। तिन्ह कें मन अति बिसमय भयऊ।।
English explanation
When the vulture Sampati departed for Garuda after saying this, the monkeys were filled with great amazement.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | thus |
| कहि | कहकर | having said |
| गरुड़ | गरुड़ के पास | to Garuda, the divine bird |
| गीध | गीध संपाति | the vulture Sampati |
| जब | जब | when |
| गयऊ | चला गया | departed |
| तिन्ह | उन वानरों | those monkeys |
| कें | के | of |
| मन | मन में | in the minds |
| अति | बहुत | great |
| बिसमय | आश्चर्य | amazement |
| भयऊ | हुआ | arose |
2 निज निज बल सब काहूँ भाषा। पार जाइ कर संसय राखा।।
English explanation
Everyone stated their own strength, yet remained doubtful about crossing the sea.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निज | अपनी | their own |
| निज | अपनी; प्रत्येक की अलग | own, for each individually |
| बल | शक्ति | strength |
| सब | सब | all |
| काहूँ | प्रत्येक ने | each person |
| भाषा | बताई | stated |
| पार | उस पार | to the other shore |
| जाइ | जाने | going; crossing |
| कर | के विषय में | regarding |
| संसय | संदेह | doubt |
| राखा | बनाए रखा | retained |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.29
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 709
- सहायक विषय
- समुद्र लाँघनेका परामर्श, जाम्बवन्तका हनुमान्जीको बल याद दिलाकर उत्साहित करना
- मुद्रित पृष्ठ
- 709, 710
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।