किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अनुज क्रिया करि सागर तीरा। कहि निज कथा सुनहु कपि बीरा।।
मूल पाठ
अनुज क्रिया करि सागर तीरा। कहि निज कथा सुनहु कपि बीरा।।
हम द्वौ बंधु प्रथम तरुनाई । गगन गए रबि निकट उडाई।।
स्रोत अभिलेख 4.28 · पुस्तक पृ. 708, 709
भावार्थ
मूल पाठ के बादसमुद्रके तीरपर छोटे भाई जटायुकी क्रिया (श्राद्ध आदि) करके सम्पाती अपनी कथा कहने लगा—हे वीर वानरो! सुनो, हम दोनों भाई उठती जवानीमें एक बार आकाशमें उड़कर सूर्यके निकट चले गये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 708 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 अनुज क्रिया करि सागर तीरा। कहि निज कथा सुनहु कपि बीरा।।
English explanation
AI-generated interpretive draft: After performing the funeral rites for his younger brother Jatayu on the seashore, Sampati told his own story: Listen, brave monkeys.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अनुज | छोटे भाई जटायु की | of his younger brother Jatayu |
| क्रिया | अंत्येष्टि-क्रिया | funeral rites |
| करि | करके | having performed |
| सागर | समुद्र के | of the ocean |
| तीरा | तट पर | on the shore |
| कहि | कहा | said |
| निज | अपनी | his own |
| कथा | कथा | story |
| सुनहु | सुनो | listen |
| कपि | हे वानरो | O monkeys |
| बीरा | हे वीरो | O brave ones |
2 हम द्वौ बंधु प्रथम तरुनाई । गगन गए रबि निकट उडाई।।
English explanation
In our early youth, we two brothers flew into the sky and went near the sun.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हम | हम | we |
| द्वौ | दोनों | both |
| बंधु | भाई | brothers |
| प्रथम | आरंभिक | early |
| तरुनाई | युवावस्था में | in youth |
| गगन | आकाश में | into the sky |
| गए | गए | went |
| रबि | सूर्य के | of the sun |
| निकट | निकट | near |
| उडाई | उड़कर | by flying |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.28
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 708
- सहायक विषय
- वानरोंका समुद्रतटपर आना, सम्पातीसे भेंट और बातचीत
- मुद्रित पृष्ठ
- 708, 709
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।