किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अंगद सहित करहु तुम्ह राजू। संतत हृदय धरेहु मम काजू।।
मूल पाठ
अंगद सहित करहु तुम्ह राजू। संतत हृदय धरेहु मम काजू।।
जब सुग्रीव भवन फिरि आए। रामु प्रबरषन गिरि पर छाए।।
स्रोत अभिलेख 4.12 · पुस्तक पृ. 694, 694
भावार्थ
मूल पाठ के बादतुम अंगदसहित राज्य करो। मेरे कामका हृदयमें सदा ध्यान रखना। तदनन्तर जब सुग्रीवजी घर लौट आये, तब श्रीरामजी प्रवर्षण पर्वतपर जा टिके॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 694 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अंगद सहित करहु तुम्ह राजू। संतत हृदय धरेहु मम काजू।।
English explanation
‘Rule together with Angada, and always keep my task in your heart.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अंगद | बालि के पुत्र अंगद के | Angada, Bali’s son |
| सहित | साथ | with |
| करहु | करो | exercise |
| तुम्ह | तुम | you |
| राजू | राज्य-शासन | rule |
| संतत | सदा | always |
| हृदय | हृदय में | in your heart |
| धरेहु | रखो | keep |
| मम | मेरा | my |
| काजू | कार्य | task |
2 जब सुग्रीव भवन फिरि आए। रामु प्रबरषन गिरि पर छाए।।
English explanation
When Sugriva returned to his residence, Rama took up residence on Mount Prabarashan.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जब | जब | when |
| सुग्रीव | सुग्रीव | Sugriva, the monkey king |
| भवन | भवन में | to his residence |
| फिरि | लौटकर | back |
| आए | आए | came |
| रामु | राम | Rama |
| प्रबरषन | प्रबरषन नामक | named Prabarashan |
| गिरि | पर्वत | mountain |
| पर | पर | on |
| छाए | ठहर गए | settled |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.12
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 694
- सहायक विषय
- ताराका विलाप, ताराको श्रीरामजी-द्वारा उपदेश और सुग्रीवका राज्याभिषेक तथा अंगदको युवराजपद
- मुद्रित पृष्ठ
- 694, 694
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।