किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अंगद कहइ जाउँ मैं पारा। जियँ संसय कछु फिरती बारा।।
मूल पाठ
अंगद कहइ जाउँ मैं पारा। जियँ संसय कछु फिरती बारा।।
जामवंत कह तुम्ह सब लायक। पठइअ किमि सब ही कर नायक।।
स्रोत अभिलेख 4.3 · पुस्तक पृ. 710, 711
भावार्थ
मूल पाठ के बादअंगदने कहा—मैं पार तो चला जाऊँगा। परन्तु लौटते समयके लिये हृदयमें कुछ सन्देह है। जाम्बवान्ने कहा—तुम सब प्रकारसे योग्य हो। परन्तु तुम सबके नेता हो, तुम्हें कैसे भेजा जाय?॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 710 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अंगद कहइ जाउँ मैं पारा। जियँ संसय कछु फिरती बारा।।
English explanation
AI draft: Angada says, ‘I can cross the ocean, but I have some doubt about returning.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अंगद | बालि के पुत्र अंगद | Angada, Bali’s son |
| कहइ | कहते हैं | says |
| जाउँ | जा सकता हूँ | can go |
| मैं | मैं | I |
| पारा | पार | across |
| जियँ | मन में | in the heart |
| संसय | संदेह | doubt |
| कछु | कुछ | some |
| फिरती | लौटने के | of returning |
| बारा | समय | at the time |
2 जामवंत कह तुम्ह सब लायक। पठइअ किमि सब ही कर नायक।।
English explanation
Jambavan says, ‘You are fully capable, but how can everyone’s leader be sent?’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जामवंत | रीछों के नायक जामवंत | Jambavan, leader of the bears |
| कह | कहते हैं | says |
| तुम्ह | तुम, अंगद | you, Angada |
| सब | हर तरह से | in every way |
| लायक | योग्य | capable |
| पठइअ | भेजा जाए | should be sent |
| किमि | कैसे | how |
| सब | सब | everyone |
| ही | ही; बल देने वाला शब्द | indeed; emphasizing everyone |
| कर | का | of |
| नायक | नेता | leader |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 710
- सहायक विषय
- समुद्र लाँघनेका परामर्श, जाम्बवन्तका हनुमान्जीको बल याद दिलाकर उत्साहित करना · श्रीरामगुणका माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 710, 711
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।