बालकाण्ड · दोहा 10 (ख) · दोहा
स्याम सुरभि पय बिसद अति गुनद करहिं सब पान।
स्याम सुरभि पय बिसद अति गुनद करहिं सब पान।
गिरा ग्राम्य सिय राम जस गावहिं सुनहिं सुजान॥ १० (ख)॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.1 · पुस्तक पृ. 30, 31
भावार्थ और शब्दार्थ
1स्याम सुरभि पय बिसद अति गुनद करहिं सब पान।
काली गाय का दूध अत्यंत उज्ज्वल और गुणकारी होता है; सभी उसे पीते हैं।
English explanation
The milk of a black cow is very white and beneficial; everyone drinks it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| स्याम | काली; गहरे रंग की | black; dark-colored |
| सुरभि | गाय | cow |
| पय | दूध | milk |
| बिसद | उज्ज्वल; स्वच्छ श्वेत | bright; pure white |
| अति | अत्यंत | very; exceedingly |
| गुनद | गुण देने वाला; लाभकारी | beneficial; imparting good qualities |
| करहिं | करते हैं | do; perform |
| सब | सभी | everyone |
| पान | पीना; सेवन | drinking; consumption |
2गिरा ग्राम्य सिय राम जस गावहिं सुनहिं सुजान॥ १० (ख)॥
भाषा भले ही ग्रामीण हो, उसमें सीता और राम का यश है; इसलिए समझदार लोग उसे गाते और सुनते हैं।
English explanation
Though the language is rustic, it celebrates Sita and Rama’s glory; discerning people sing and listen to it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गिरा | वाणी; भाषा | speech; language |
| ग्राम्य | ग्रामीण; लोकभाषा की | rustic; vernacular |
| सिय | सीता | Sita, Rama’s wife |
| राम | श्रीराम | Lord Rama |
| जस | यश; कीर्ति | glory; renown |
| गावहिं | गाते हैं | sing |
| सुनहिं | सुनते हैं | listen |
| सुजान | समझदार; विवेकशील लोग | discerning; wise people |
| ख | पद-संदर्भ चिह्न ‘ख’ | verse-reference marker ‘ख’ |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा 10 (ख)
- स्रोत अभिलेख
- 1.1
- सहायक विषय
- तुलसीदासजीकी दीनता और रामभक्तिमयी कविताकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 30, 31
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।