बालकाण्ड · दोहा 8 · दोहा/सोरठा
भाग छोट अभिलाषु बड़ करउँ एक बिस्वास।
भाग छोट अभिलाषु बड़ करउँ एक बिस्वास।
पैहहिं सुख सुनि सुजन सब खल करहहिं उपहास।।8।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.8 · पुस्तक पृ. 28, 29
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1भाग छोट अभिलाषु बड़ करउँ एक बिस्वास।
मेरा भाग्य छोटा है और अभिलाषा बड़ी; मैं एक ही विश्वास के सहारे यह करता हूँ।
English explanation
My fortune is small and my aspiration great; I undertake this relying on one assurance.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भाग | भाग्य | fortune |
| छोट | छोटा | small |
| अभिलाषु | अभिलाषा | aspiration |
| बड़ | बड़ी | great |
| करउँ | मैं करता हूँ | I undertake this |
| एक | एक | one |
| बिस्वास | विश्वास के सहारे | relying on an assurance |
2 पैहहिं सुख सुनि सुजन सब खल करहहिं उपहास।।8।।
इसे सुनकर सभी सज्जन सुख पाएँगे और दुष्ट उपहास करेंगे।
English explanation
All good people will find joy in hearing it, while the wicked will mock.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पैहहिं | पाएँगे | will obtain |
| सुख | सुख | joy |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| सुजन | सज्जन | good people |
| सब | सभी | all |
| खल | दुष्ट | the wicked |
| करहहिं | करेंगे | will make |
| उपहास | उपहास | mockery |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 8
- स्रोत अभिलेख
- 1.8
- सहायक विषय
- तुलसीदासजीकी दीनता और रामभक्तिमयी कविताकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 28, 29
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।