बालकाण्ड · दोहा 122 · दोहा/सोरठा
भए निसाचर जाइ तेइ महाबीर बलवान।
भए निसाचर जाइ तेइ महाबीर बलवान।
कुंभकरन रावण सुभट सुर बिजई जग जान।।122 ।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.122 · पुस्तक पृ. 134, 134
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1भए निसाचर जाइ तेइ महाबीर बलवान।
वही दोनों फिर जाकर महावीर और बलवान राक्षस बने।
English explanation
Those same two subsequently became mighty, powerful demons.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भए | बने | became |
| निसाचर | राक्षस | demons |
| जाइ | जाकर | going on |
| तेइ | वही दोनों | those same two |
| महाबीर | महान वीर | mighty warriors |
| बलवान | बलशाली | powerful |
2 कुंभकरन रावण सुभट सुर बिजई जग जान।।122 ।
वे कुंभकर्ण और रावण हुए—पराक्रमी योद्धा और देवताओं को जीतने वाले, जिन्हें संसार जानता है।
English explanation
They were Kumbhakarna and Ravana—formidable warriors and conquerors of the gods, known throughout the world.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कुंभकरन | कुंभकर्ण, रावण का भाई | Kumbhakarna, Ravana’s brother |
| रावण | रावण, लंका का राजा | Ravana, king of Lanka |
| सुभट | पराक्रमी योद्धा | formidable warriors |
| सुर | देवताओं के | of the gods |
| बिजई | विजेता | conquerors |
| जग | संसार | the world |
| जान | जानता है | knows |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 122
- स्रोत अभिलेख
- 1.122
- सहायक विषय
- अवतारके हेतु
- मुद्रित पृष्ठ
- 134, 134
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।