बालकाण्ड · दोहा 25 · दोहा/सोरठा
ब्रह्म राम तें नामु बड़ बर दायक बर दानि।
ब्रह्म राम तें नामु बड़ बर दायक बर दानि।
रामचरित सत कोटि महँ लिय महेस जियँ जानि।।25।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.25 · पुस्तक पृ. 46, 47
भावार्थ और शब्दार्थ
1ब्रह्म राम तें नामु बड़ बर दायक बर दानि।
नाम निर्गुण ब्रह्म और सगुण राम से बड़ा है; वह वर देने वालों को भी वर देने वाला है।
English explanation
The name is greater than the attributeless Absolute and Rama in personal form; it bestows boons even upon the givers of boons.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्रह्म | निर्गुण ब्रह्म | the attributeless Absolute |
| राम | सगुण श्रीराम | Rama in personal form |
| तें | से | than |
| नामु | राम का नाम | Rama’s name |
| बड़ | बड़ा; श्रेष्ठ | greater |
| बर | वर | boons |
| दायक | देने वाला | bestowing |
| बर | वर | boons |
| दानि | देने वालों को | upon their givers |
2 रामचरित सत कोटि महँ लिय महेस जियँ जानि।।25।।
महेश ने हृदय में यह जानकर सौ करोड़ रामचरितों में से नाम को ग्रहण किया।
English explanation
Knowing this in his heart, Shiva chose the name from among a hundred crore accounts of Rama’s deeds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामचरित | राम के चरितों | accounts of Rama’s deeds |
| सत | सौ | a hundred |
| कोटि | करोड़ | crore (ten million) |
| महँ | में से | from among |
| लिय | ग्रहण किया; चुन लिया | selected; took |
| महेस | महेश अर्थात शिव ने | Shiva |
| जियँ | हृदय में | in his heart |
| जानि | जानकर | having understood |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 25
- स्रोत अभिलेख
- 1.25
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 46, 47
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।