बालकाण्ड · दोहा 26 · दोहा/सोरठा
नामु राम को कलपतरु कलि कल्यान निवासु।
नामु राम को कलपतरु कलि कल्यान निवासु।
जो सुमिरत भयो भाँग तें तुलसी तुलसीदासु।।26।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.26 · पुस्तक पृ. 47, 48
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1नामु राम को कलपतरु कलि कल्यान निवासु।
राम का नाम कल्पवृक्ष है और कलियुग में कल्याण का निवास है।
English explanation
Rama’s Name is a wish-fulfilling tree and the abode of well-being in the age of Kali.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नामु | नाम | Name |
| राम | भगवान राम | Lord Rama |
| को | का | of |
| कलपतरु | मनोकामना पूर्ण करने वाला कल्पवृक्ष | the wish-fulfilling tree |
| कलि | कलियुग में | in the age of Kali |
| कल्यान | कल्याण का | of well-being |
| निवासु | निवास; आश्रय | abode; refuge |
2 जो सुमिरत भयो भाँग तें तुलसी तुलसीदासु।।26।।
जिस नाम का स्मरण करके तुलसीदास भाँग जैसे से तुलसी जैसे हो गए।
English explanation
By remembering that Name, Tulsidas was transformed from being like intoxicating hemp into being like sacred basil.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जिस नाम को | that Name, which |
| सुमिरत | स्मरण करते हुए; स्मरण करके | by remembering |
| भयो | हो गए | became |
| भाँग | भाँग जैसे तुच्छ रूप से | from being like intoxicating hemp |
| तें | से | from |
| तुलसी | पवित्र तुलसी के पौधे जैसे | like the sacred basil plant |
| तुलसीदासु | कवि तुलसीदास | the poet Tulsidas |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 26
- स्रोत अभिलेख
- 1.26
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 47, 48
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