बालकाण्ड · दोहा 24 · दोहा/सोरठा
सबरी गीध सुसेवकनि सुगति दीन्हि रघुनाथ।
सबरी गीध सुसेवकनि सुगति दीन्हि रघुनाथ।
नाम उधारे अमित खल बेद बिदित गुन गाथ।।24।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.24 · पुस्तक पृ. 45, 46
भावार्थ और शब्दार्थ
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1सबरी गीध सुसेवकनि सुगति दीन्हि रघुनाथ।
रघुनाथ ने शबरी और गिद्ध जटायु जैसे उत्तम सेवकों को परम शुभ गति दी।
English explanation
Rama granted a blessed final state to devoted servants such as Shabari and the vulture Jatayu.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सबरी | भक्त शबरी को | to the devotee Shabari |
| गीध | गिद्ध जटायु को | to the vulture Jatayu |
| सुसेवकनि | उत्तम सेवकों को | to devoted servants |
| सुगति | शुभ परम गति | a blessed final state |
| दीन्हि | दी | granted |
| रघुनाथ | रघुवंश के स्वामी राम ने | Rama, lord of Raghu’s lineage |
2 नाम उधारे अमित खल बेद बिदित गुन गाथ।।24।।
राम के नाम ने असंख्य दुष्टों का उद्धार किया; उसके गुणों की गाथा वेदों में प्रसिद्ध है।
English explanation
Rama’s name delivered countless wicked people; the account of its virtues is well known in the Vedas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाम | राम के नाम ने | Rama’s name |
| उधारे | उद्धार किया | delivered |
| अमित | असंख्य | countless |
| खल | दुष्टों का | wicked people |
| बेद | वेदों में | in the Vedas |
| बिदित | ज्ञात और प्रसिद्ध | known and celebrated |
| गुन | गुणों की | of its virtues |
| गाथ | गाथा | account |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 24
- स्रोत अभिलेख
- 1.24
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 45, 46
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