बालकाण्ड · दोहा 73 · दोहा/सोरठा
बेदसिरा मुनि आइ तब सबहि कहा समुझाइ।।
बेदसिरा मुनि आइ तब सबहि कहा समुझाइ।।
पारबती महिमा सुनत रहे प्रबोधहि पाइ।।73।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.73 · पुस्तक पृ. 90, 90
भावार्थ और शब्दार्थ
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1बेदसिरा मुनि आइ तब सबहि कहा समुझाइ।।
तब वेदशिरा मुनि आए और उन्होंने सबको समझाकर कहा।
English explanation
Then the sage Vedashira came and spoke to everyone, helping them understand.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेदसिरा | वेदशिरा नामक ऋषि | Vedashira, a sage |
| मुनि | मुनि | sage |
| आइ | आकर | having come |
| तब | तब | then |
| सबहि | सबको | to everyone |
| कहा | कहा | spoke |
| समुझाइ | समझाकर | explaining and reassuring |
2 पारबती महिमा सुनत रहे प्रबोधहि पाइ।।73।।
पार्वती की महिमा सुनकर सब बोध और सांत्वना पाकर शांत हो गए।
English explanation
Hearing of Parvati’s greatness, they gained understanding and reassurance and grew calm.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पारबती | पार्वती की | of Parvati |
| महिमा | महिमा | greatness |
| सुनत | सुनकर | on hearing |
| रहे | शांत हो गए | became calm |
| प्रबोधहि | बोध और सांत्वना | understanding and reassurance |
| पाइ | पाकर | having gained |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 73
- स्रोत अभिलेख
- 1.73
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 90, 90
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