बालकाण्ड · दोहा 99 · दोहा
बहुरि मुनिन्ह हिमवंत कहुँ लगन सुनाई आइ।
बहुरि मुनिन्ह हिमवंत कहुँ लगन सुनाई आइ।
समय बिलोकि बिबाह कर पठए देव बोलाइ॥ ९९॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.99 · पुस्तक पृ. 113, 113
भावार्थ और शब्दार्थ
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1बहुरि मुनिन्ह हिमवंत कहुँ लगन सुनाई आइ।
फिर मुनियों ने आकर हिमवान को विवाह का शुभ मुहूर्त बताया।
English explanation
Then the sages came and told Himavan the auspicious time for the wedding.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुरि | फिर | then; again |
| मुनिन्ह | मुनियों ने | the sages |
| हिमवंत | पार्वती के पिता हिमवान | Himavan, Parvati's father |
| कहुँ | को | to |
| लगन | विवाह का शुभ मुहूर्त | the auspicious wedding time |
| सुनाई | बताई | announced |
| आइ | आकर | having come |
2समय बिलोकि बिबाह कर पठए देव बोलाइ॥ ९९॥
विवाह का समय देखकर हिमवान ने देवताओं को बुलवा भेजा।
English explanation
Seeing that the wedding time had arrived, Himavan sent for the gods.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| समय | समय | the time |
| बिलोकि | देखकर; विचारकर | seeing; considering |
| बिबाह | विवाह | the wedding |
| कर | का | of |
| पठए | भेजा; बुलावा भेजा | sent; sent an invitation |
| देव | देवताओं को | the gods |
| बोलाइ | बुलाने के लिए; बुलवा | to summon; calling for |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा 99
- स्रोत अभिलेख
- 1.99
- सहायक विषय
- शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 113, 113
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