बालकाण्ड · दोहा 181 · दोहा/सोरठा
छुधा छीन बलहीन सुर सहजेहिं मिलिहहिं आइ।
छुधा छीन बलहीन सुर सहजेहिं मिलिहहिं आइ।
तब मारिहउँ कि छाड़िहउँ भली भाँति अपनाइ।।181।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.181 · पुस्तक पृ. 181, 182
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1छुधा छीन बलहीन सुर सहजेहिं मिलिहहिं आइ।
भूख से क्षीण और बलहीन हुए देवता सहज ही आकर मिल जाएँगे।
English explanation
Wasted by hunger and powerless, the gods will readily come within reach.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छुधा | भूख से | from hunger |
| छीन | क्षीण; दुर्बल | wasted; weakened |
| बलहीन | बल से रहित | powerless |
| सुर | देवता | gods |
| सहजेहिं | सहज ही; आसानी से | readily; easily |
| मिलिहहिं | मिल जाएँगे; हाथ आ जाएँगे | will be met; will come within reach |
| आइ | आकर | having come |
2 तब मारिहउँ कि छाड़िहउँ भली भाँति अपनाइ।।181।।
तब मैं उन्हें मारूँगा, या अच्छी तरह अपने वश में करके छोड़ दूँगा।
English explanation
Then I will kill them, or release them after bringing them fully under my control.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| मारिहउँ | मैं मारूँगा | I will kill |
| कि | या | or |
| छाड़िहउँ | मैं छोड़ दूँगा | I will release |
| भली | अच्छी; पूरी | good; thorough |
| भाँति | रीति से | in a manner |
| अपनाइ | अपने वश में करके | having brought under my control |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 181
- स्रोत अभिलेख
- 1.181
- सहायक विषय
- रावणादिका जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार
- मुद्रित पृष्ठ
- 181, 182
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।