बालकाण्ड · दोहा 298 · दोहा/सोरठा
छरे छबीले छयल सब सूर सुजान नबीन।
छरे छबीले छयल सब सूर सुजान नबीन।
जुग पदचर असवार प्रति जे असिकला प्रबीन।।298।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.298 · पुस्तक पृ. 281, 282
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 छरे छबीले छयल सब सूर सुजान नबीन।
वे सभी छरहरे, आकर्षक और सजीले थे—वीर, समझदार और युवा।
English explanation
All were slender, handsome, and dashing—brave, discerning, and young.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छरे | छरहरे; सुडौल | slender; well-proportioned |
| छबीले | आकर्षक; सुंदर | handsome; charming |
| छयल | सजीले | dashing; elegant |
| सब | सभी | all |
| सूर | वीर | brave warriors |
| सुजान | समझदार; कुशल | discerning; capable |
| नबीन | युवा | young |
2 जुग पदचर असवार प्रति जे असिकला प्रबीन।।298।।
प्रत्येक घुड़सवार के साथ दो पैदल सैनिक थे, जो तलवार चलाने की कला में निपुण थे।
English explanation
Each mounted rider was accompanied by two foot soldiers skilled in swordsmanship.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जुग | दो; एक जोड़ी | two; a pair |
| पदचर | पैदल सैनिक | foot soldiers |
| असवार | घुड़सवार | mounted rider |
| प्रति | प्रत्येक के लिए; प्रति | for each; per |
| जे | जो, वे पैदल सैनिक | who, referring to the foot soldiers |
| असिकला | तलवार चलाने की कला में | in swordsmanship |
| प्रबीन | निपुण | proficient |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 298
- स्रोत अभिलेख
- 1.298
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 281, 282
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