बालकाण्ड · दोहा 7 (क) · दोहा/सोरठा
ग्रह भेषज जल पवन पट पाइ कुजोग सुजोग।
ग्रह भेषज जल पवन पट पाइ कुजोग सुजोग।
होहि कुबस्तु सुबस्तु जग लखहिं सुलच्छन लोग।।7(क)।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.7 · पुस्तक पृ. 26, 27
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1ग्रह भेषज जल पवन पट पाइ कुजोग सुजोग।
ग्रह, औषधि, जल, वायु और वस्त्र बुरा या अच्छा संयोग पाकर—
English explanation
Planets, medicines, water, air, and cloth, upon receiving unfavorable or favorable combinations—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ग्रह | ग्रह | planets |
| भेषज | औषधियाँ | medicines |
| जल | पानी | water |
| पवन | हवा | air |
| पट | वस्त्र | cloth; garments |
| पाइ | पाकर | upon receiving |
| कुजोग | बुरा संयोग | an unfavorable combination |
| सुजोग | अच्छा संयोग | a favorable combination |
2 होहि कुबस्तु सुबस्तु जग लखहिं सुलच्छन लोग।।7(क)।।
—संसार में हानिकारक या लाभकारी वस्तुएँ बन जाते हैं; विवेकशील लोग इसे पहचानते हैं।
English explanation
—become harmful or beneficial things in the world; discerning people recognize this.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| होहि | हो जाते हैं | become |
| कुबस्तु | हानिकारक वस्तुएँ | harmful things |
| सुबस्तु | लाभकारी वस्तुएँ | beneficial things |
| जग | संसार में | in the world |
| लखहिं | पहचानते हैं | recognize |
| सुलच्छन | अच्छे लक्षणों वाले; विवेकशील | of good qualities; discerning |
| लोग | लोग | people |
| क | पद्य-संदर्भ चिह्न (क) | verse reference marker (क) |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 7 (क)
- स्रोत अभिलेख
- 1.7
- सहायक विषय
- संत-असंत-वन्दना · रामरूपसे जीवमात्रकी वन्दना
- मुद्रित पृष्ठ
- 26, 27
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।