बालकाण्ड · दोहा 7 (ख) · दोहा/सोरठा
सम प्रकास तम पाख दुहुँ नाम भेद बिधि कीन्ह।
सम प्रकास तम पाख दुहुँ नाम भेद बिधि कीन्ह।
ससि सोषक पोषक समुझि जग जस अपजस दीन्ह।।7(ख)।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.7 · पुस्तक पृ. 26, 27
भावार्थ और शब्दार्थ
1 सम प्रकास तम पाख दुहुँ नाम भेद बिधि कीन्ह।
दोनों पक्षों में प्रकाश और अंधकार समान मात्रा में हैं, फिर भी विधाता ने उनके नामों में भेद किया।
English explanation
Both lunar fortnights contain equal amounts of light and darkness, yet the Creator distinguished their names.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सम | समान | equal |
| प्रकास | प्रकाश | light |
| तम | अंधकार | darkness |
| पाख | चंद्रमास के पक्षों में | in the lunar fortnights |
| दुहुँ | दोनों | both |
| नाम | नामों में | in names |
| भेद | अंतर | distinction |
| बिधि | विधाता ने | the Creator |
| कीन्ह | किया | made |
2 ससि सोषक पोषक समुझि जग जस अपजस दीन्ह।।7(ख)।।
संसार ने उन्हें चंद्रमा को घटाने वाला और बढ़ाने वाला समझकर क्रमशः अपयश और यश दिया।
English explanation
Understanding them as diminishing and nourishing the moon, the world assigned blame and praise respectively.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ससि | चंद्रमा का | of the moon |
| सोषक | क्षीण करने वाला | diminishing |
| पोषक | बढ़ाने वाला | nourishing; increasing |
| समुझि | समझकर | understanding as |
| जग | संसार ने | the world |
| जस | यश; प्रशंसा | praise |
| अपजस | अपयश; निंदा | blame |
| दीन्ह | दिया | gave |
| ख | पद्य-संदर्भ चिह्न (ख) | verse reference marker (ख) |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 7 (ख)
- स्रोत अभिलेख
- 1.7
- सहायक विषय
- संत-असंत-वन्दना · रामरूपसे जीवमात्रकी वन्दना
- मुद्रित पृष्ठ
- 26, 27
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।