बालकाण्ड · दोहा 177 · दोहा/सोरठा
गए बिभीषन पास पुनि कहेउ पुत्र बर मागु।
गए बिभीषन पास पुनि कहेउ पुत्र बर मागु।
तेहिं मागेउ भगवंत पद कमल अमल अनुरागु।।177।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.177 · पुस्तक पृ. 178, 178
भावार्थ और शब्दार्थ
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1गए बिभीषन पास पुनि कहेउ पुत्र बर मागु।
फिर ब्रह्मा विभीषण के पास गए और बोले, ‘पुत्र, वर माँगो।’
English explanation
Then Brahma went to Vibhishana and said, ‘Son, ask for a boon.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गए | गए | went |
| बिभीषन | रावण के भाई विभीषण के | Vibhishana, Ravana’s brother |
| पास | पास | to |
| पुनि | फिर | then |
| कहेउ | कहा | said |
| पुत्र | हे पुत्र | O son |
| बर | वरदान | a boon |
| मागु | माँगो | ask for |
2 तेहिं मागेउ भगवंत पद कमल अमल अनुरागु।।177।।
विभीषण ने भगवान के चरणकमलों में निर्मल प्रेम माँगा।
English explanation
Vibhishana asked for pure love for the Lord’s lotus feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहिं | उसने—विभीषण ने | he—Vibhishana |
| मागेउ | माँगा | asked for |
| भगवंत | भगवान के | of the Lord |
| पद | चरण | feet |
| कमल | कमल-सदृश | lotus-like |
| अमल | निर्मल | pure |
| अनुरागु | प्रेम | loving devotion |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 177
- स्रोत अभिलेख
- 1.177
- सहायक विषय
- रावणादिका जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार
- मुद्रित पृष्ठ
- 178, 178
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